Thursday, May 23, 2024
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देवी भागवत पुराण के पढ़ने एवं सुनने से भयंकर रोग, अतिवृष्टि, अनावृष्टि आदि कष्टों से मिलती है मुक्ति- स्वामी हरिचेतनानंद

 

भव्य कलश यात्रा के साथ ही श्री दुर्गा मंदिर मित्तियां में नौ दिवसीय देवी भागवत पुराण की कथा प्रारंभ।

नालागढ़//ऋषभ शर्मा

नालागढ़ से 20 किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में मित्तियाँ स्थित स्वयं प्रकट श्री दुर्गा माता मंदिर में मंगलवार से नव दिवसीय श्री देवी भागवत पुराण की कथा प्रारंभ हो गई ।

प्रातः 11:00 बजे विशाल एवं भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें गांव की अनेक महिलाएं सम्मिलित हुई तथा कथा व्यास स्वामी हरी चेतनानंद जी (Swami Harichetananand) को शोभायात्रा के रूप में मंदिर परिसर में व्यास पीठ तक ले जाया गया।Swami Harichetananand

कथा के प्रथम दिवस व्यासपीठ स्वामी हरिचेतनानंद जी (Swami Harichetananand )ने देवी भागवत पुराण के महात्म्य के विषय में बताया कि
देवी पुराण के पढ़ने एवं सुनने से भयंकर रोग, अतिवृष्टि, अनावृष्टि भूत-प्रेत बाधा, कष्ट योग और दूसरे आधिभौतिक, आधिदैविक तथा आधिदैहिक कष्टों का निवारण हो जाता है।

उन्होंने कहा कि देवी भागवत पुराण के पारायण का फल ही था कि प्रसेनजित को ढूंढ़ने गए श्रीकृष्ण संकट से मुक्त होकर सकुशल घर लौट आए थे। इस पुराण के श्रवण से दरिद्र धनी, रोगी-नीरोगी तथा पुत्रहीन स्त्री पुत्रवती हो जाती है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र चतुर्वर्णों के व्यक्तियों द्वारा समान रूप से पठनीय एवं श्रवण योग्य यह पुराण आयु, विद्या, बल, धन, यश तथा प्रतिष्ठा देने वाला अनुपम ग्रंथ है।

वैसे तो देवी भागवत पुराण के श्रवण के लिए सभी समय फलदायी है, किंतु फिर भी आश्विन, चैत्र, मार्गशीर्ष तथा आषाढ़ मासों एवं दोनों नवरात्रों में पुराण के श्रवण से विशेष पुण्य होता है।
मंदिर कमेटी के प्रधान दुर्गा दास ने बताया कि यह कथा 9 अप्रैल से 17 अप्रैल तक चलेगी। 16 तारीख तक कथा का समय दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक रहेगा। उसके बाद प्रतिदिन भंडारे का आयोजन होगा। 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे कथा की पूर्णाहुति होगी और कथा का विश्राम होगा । उसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जायेगा ।

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