Friday, February 23, 2024
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राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत राज्य में उपमंडल बंगाणा होगा प्रथम स्थान पर – डॉ सतिंदर ठाकुर

उप निदेशक पशु पालन विभाग ऊना ने हिमाचल के सब से बड़े बकरी फ़ार्म (500+25इकाई) का निरीक्षण 

राकेश राणा //बंगाणा 

उपमंडल बंगाणा में राष्ट्रीय पशु धन मिशन के अन्तर्गत उपमंडल बंगाणा के गाँव कठोह डाकख़ाना खुरवाईं ज़िला ऊना में हिमाचल प्रदेश का सब से बड़ा 500+25 इकाई का बकरी फ़ार्म लगभग बन कर तैयार है उस पर एक करोड़ बीस लाख लागत आएगी जिस के भवन /शेड्स का निरीक्षण पशु पालन विभाग ज़िला ऊना के उप निदेशक ,डॉक्टर विनय शर्मा जी ने अपनी टीम के सदस्य वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा,डॉक्टर सतेंद्र ठाकुर ,पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय चौकीमनियार ,डॉक्टर अमित शर्मा के साथ किया ।

इस मौक़े पर बकरी फ़ार्म के मालिक को उचित दिशा निर्देश दिये  तथा बहुत बड़े फ़ार्म को चलाने और आगामी सफलता की शुभ कामनाएँ दीं जोकि पूरे ज़िला ऊना नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात होगी और आने वाले समय में बेरोज़गार युवा बकरी पालन की ओर आकर्षित होकर लाभान्वित होंगे ॥

उन्होंने पशु पालन विभाग की ओर से यथा संभव मदद करने का आश्वासन दिया ॥ श्री विजय जसवाल और अजय जसवाल जी मिलकर इस बकरी फ़ार्म को बना रहे हैं जिस की कुल लागत एक करोड़ बीस लाख होगी और जिस में भारत सरकार की ओर से पचास लाख अनुदान मिलेगा। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी,प्रभारी उपमंडलीय पशु चिकित्सालय बंगाणा डॉक्टर सतेंद्र ने बताया कि राष्ट्रीय पशु धन मिशन के तहत बकरी पालन को स्वरोज़गार के रूप में अपनाने के लिए  बकरी फ़ार्म की 100+5 इकाई पर दस लाख,200+10 इकाई पर बीस लाख ,300+15 इकाई पर तीस लाख ,400+20 इकाई पर चालीस लाख और 500+25 इकाई पर पचास लाख अनुदान परियोजना की ओर से मिलेगा ।कोई भी बेरोज़गार इच्छुक युवा या पशु पालक इस संबंध में संपर्क कर सकता है।

अजय पहले भी आधुनिक बकरी फ़ार्म चलाते हैं लगभग तीन वर्ष से चला रहे हैं ।इस से पहले वो ब्रितानिया कंपनी में बतौर प्रबंधक कार्यरत थे। लेकिन बकरी पालन का शौक़ उन्हें  बकरी पालन को बड़ेस्तर पर करने के लिये ले आया । उन की सफलता और जज्बे को देखते हुए ,उपमंडल में बकरी पालन के स्कोप के चलते तथा विभाग दुआरा ज़्यादा से ज़्यादा पशु पालकों को जागरूक और प्रोत्साहित करने की वजह से दर्जन भर बेरोज़गार नौजवानों ने बकरी पालन में रुचि दिखाई है । अभी तक बंगाणा उपमंडल में बकरी पालन के 200+10 इकाई के 2 फ़ार्म,100+5 ईकाई के 3 फ़ार्म,500*25 इकाई 1  बकरी फ़ार्म स्वीकृत हो चुके हैं और 100+5 इकाई के चार फ़ार्म ,500+25 इकाई का एक पशु पालक डाक्यूमेंट्स तैयार कर रहे हैं कुल मिलाकर 11 बड़े बकरी फ़ार्म का रास्ता साफ़ हो चुका है जिस से आने बाले समय में उपमंडल बंगाणा बकरी पालन का हब बनेगा और दूर दराज के पशु पालक बकरी ख़रीद फ़रोख़्त के लिए आया करेंगे। स्थानीय पशु पालक भी बकरी पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाकर दूध ,पनीर इत्यादि बैच कर आर्थिक तौर पर मज़बूत होंगे और पूरे प्रदेश के लिए आदर्श प्रस्तुत करेंगे ॥ उप निदेशक ने बताया की वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा डॉक्टर सतेंदर ठाकुर ने अपनी टीम को साथ लेकर एक छोटे से उपमंडल में इतने बड़े स्तर पर बकरी फार्मिंग को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं जोकि काबिले तारीफ़ है आने वाले समय में पूरे हिमाचल प्रदेश में एक अनोखा उदाहरण होगा जोकि ज़िला ऊना के लिए गौरव का विषय होगा।

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