Saturday, June 15, 2024
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कुटलैहड़ में हुए अवैध कटान की लिखित शिकायत जल्द पहुंचेगी सीएम के पास, मांगेंगे बिजिलेस जांच : कँवर

 

ग्रामीणों की शिकायत पर भी फारेस्ट विभाग बन काटूओं पर नहीं कर रहा कार्यवाई, 
कौन अवैध कटान के पीछे,जल्द होगा खुलासा

 

राकेश राणा,बंगाणा,

 

कुटलैहड़ विस क्षेत्र में इस वार अवैध कटान की हद हो गई है। ग्रामीण अवैध कटान की शिकायतें विभाग को दे रहा है। और वन काटूयो को पकड़ा भी रहा है। लेकिन बड़ी हैरानी की बात है। कि बिभाग द्वारा कोई कार्यवाई वन काटूयो पर नहीं की जा रही है।

 

Birendra Kanwar अब बहुत जल्दी सीएम सुखविंदर सूक्खू को कुटलैहड़ में हुए अवैध कटान की लिखित शिकायत दी जाएगी। और कुटलैहड़ विस क्षेत्र में अवैध कटान की विजिलेंस जांच की मांग की जाएगी। बंगाणा में पूर्व मन्त्री बिंरेंद्र कँवर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चराडा गांव में पँचायत उप प्रधान द्वारा फारेस्ट विभाग को सूचना देकर अवैध कटान के 72 खैर के मोच्छे पकड़ाए जा रहे है। लेकिन विभाग उक्त ठेकेदार ओर बन काटूयो को बचाने के चक्र में लगा हुआ है। कँवर ने कहा कि बंगाणा के मुच्छली ,चराडा रायपुर बल्ह बढ़वार लाठियानी अरलू आदि दर्जनों गांबो में अवैध कटान की तूती बोल रही है। लेकिन फारेस्ट विभाग द्वारा किसी भी बन काटूये ओर कोई कानूनी कार्यवाई नहीं की गई। आखिर विभाग पर किसका दबाव है। और कौन बन काटूयो को शह देकर कुटलैहड़ में अवैध कटान करवा रहा है। इसकी बिजिलेस जांच के बाद पूरा खुलासा होगा। कँवर ने कहा कि इस वर्ष कुटलैहड़ में अवैध कटान की हद हो गई है। गांव के लोगों ने फारेस्ट विभाग को लिखित रूप में शिकायते दी। लेकिन फारेस्ट विभाग द्वारा फिर भी कोई कार्यवाई नहीं की गई। जब ग्रामीणों ने हमीरपुर फारेस्ट अधिकारी तक अवैध कटान की शिकायत पहुंचाई। ओर उक्त अधिकारी ने जांच के आदेश दिए। फिर भी अवैध कटान की कोई जांच नहीं हुई।

 

सुरते हाल, मुच्छाली अवैध कटान में जंगल के मध्य बता दी मलकीयत भूमि,

कँवर ने कहा कि जब मुच्छाली गांव में दो दर्जन से ज्यादा सरकारी भूमि पर अवैध कटान की कुल्हाड़ी चलती गांव के लोगो ने पकड़ी। ओर फारेस्ट विभाग के अधिकारियों को बताया। तो आनन फानन में खैर के अवैध कटान के मोच्छे को विभाग ने जब्त कर लिए। ओर बिना किसी ग्रामीण को सूचना दिए निशानदेही लेकर सरकारी जंगल के मध्य मलकीयत भूमि निकाल कर उक्त ठेकेदार पर कोई कार्यवाई न करते हुए उसे छोड़ दिया।ओर खैर के मोच्छो का परमिट देकर उक्त डिपो से भेज दिया। यह तो फारेस्ट विभाग के अधिकारियों का हाल है।

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