• Sat. Jul 24th, 2021

जलशक्ति विभाग धर्मपुर में भर्ती हुये सैंकड़ों मज़दूरों का ब्यौरा आरटीआई में नहीं दे रहे एक्सईन

Byswatantra himachal

Jun 22, 2021

 

जलशक्ति विभाग में मंत्री ने भर्ती कर रखे है जलरक्षक,पैरा फ़िटर और पंप ऑपरेटर

मंत्री के गृह क्षेत्र धर्मपुर में अधिकारी कर रहे नियमों का दुरुपयोग

(सरकाघाट)रितेश चौहान

धर्मपुर में जलशक्ति विभाग की कार्यप्रणाली और निर्णय पिछले तीन सालों से विवादों में हैं।जिसमें राजनैतिक आधार पर भर्ती किये गए सैंकड़ों मज़दूरों और अरबों रुपये के ठेके एक ही कंपनी को देने के कारण विवाद बना हुआ है। अब इसी कड़ी में जलशक्ति मण्डल धर्मपुर में कार्यरत जलरक्षकों, पैरा फ़िटरों और पम्प ऑपरेटरों के नाम व पते आर टी आई के तहत जारी न करने का मामला सामने आया है।जिसके चलते जनसूचना अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता जलशक्ति मण्डल धर्मपुर स्थित भराड़ी ने आरटीआई कार्यकर्ता तुंगल निवासी गोपेन्द्र कुमार को इस मण्डल में चोर दरवाज़े से तैनात किये गए सैंकड़ों मज़दूरों के नाम व आवासीय ऐड्रेस जारी करने से इंकार कर दिया है।जिसके लिए उन्होंने ये तर्क दिया है कि मजदूरों के नाम व पता जारी करना जनहित वाली सूचना नहीँ है। इसलिए उन्होंने आरटीआई में मांगी गई ये जानकारी जारी नहीँ दी है।

जबकि मांगी गई सूचना किसी एक मज़दूर की न होकर सभी की है और ये क़ानून की परिधि में आती है और उपलब्ध करवाना ज़रूरी है।जबकि एक्सईन जलशक्ति विभाग धर्मपुर ने इस बारे ये कह कर सूचना देने से इंकार कर दिया है कि ये सूचना जनहित में जारी करना ज़रूरी नहीं है।जबकि आरटीआई क़ानून में किसी एक व्यक्ति की अलग से सूचना मांगना व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी सूचना होती है और उसे जारी करने से पहले सबन्धतित व्यक्ति की अनुमति लेना ज़रूरी है। लेकिन किसी भी सरकारी विभाग में एक से अधिक व्यक्तियों को नॉकरी देने की शर्तों,भर्ती प्रणाली और सलेक्शन सूची व्यक्तिगत सूचना न होकर सार्वजनिक सूचना होती है जो सूचना के आधार क़ानून के तहत जारी करना अनिवार्य होता है।

गोपेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार व विभागीय नियमों के अनुसार भी किसी विभाग में की गई भर्ती को सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है और आरटीआई में तो ये क़ानूनी बाध्यताहै।लेकिन धर्मपुर में जलशक्ति विभाग में वर्ष 2018 से अब तक सैंकड़ों मज़दूरों को विभागीय शर्तों को ताक पर रखकर चुप गुप तरीकों से भर्ती कर दिया गया है और अभी तक भी इनके बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।अब अधिशासी अभियंता धर्मपुर इन मज़दूरों का विवरण आरटीआई में सार्वजनिक करने से भी इंकार कर दिया है।

इस प्रकार जलशक्ति विभाग में राजनीतिक आधार पर हुई इन भर्तियों के बारे और कई तरह की शंकाएँ और सवाल खड़े हो रहे हैं।हालांकि जलशक्ति मन्त्री के गृह विधानसभा क्षेत्र में नियमों को ताक पर ऱखकर अपने चेहतों को भर्ती किया गया है जिसकी चर्चा विधानसभा के अंदर भी हो चुकी है कि जलशक्ति विभाग में भर्तियाँ केवल धर्मपुर और सिराज विधानसभा क्षेत्रों में ही हो रही है और धर्मपुर में तो इन भर्तियों की जानकारी किसी को भी नहीं दी गई थी और अब राजनैतिक दबाब में आरटीआई में भी सूचना छुपाई जा रही है।

आर टी आई कार्यकर्ता गोपेन्द्र कुमार ने बताया कि वे इसके लिए आरटीआई क़ानून के तहत अपील व शिक़ायत करेंगे।उन्होंने ये भी बताया कि इन्हीं जन सूचना अधिकारी ने एक अन्य सूचना देने से भी इंकार कर दिया है जिसके तहत धर्मपुर मंडल में यूनीप्रो कंपनी जिसको अरबों रुपये के टेंडर दिये गए हैं उसमें कितने मज़दूर लगाए गए हैं उनकी सूचना देने से भी इंकार कर दिया गया है।जबकि प्रिंसीपल नियोक्ता जलशक्ति विभाग होने के कारण उसके पास ये जानकारी होना जरूरी है।अगर नहीँ है तो उसे ये आरटीआई सबन्धित कंपनी को ट्रांसफर करनी पड़ती थी लेकिन एक्सईन धर्मपुर/भराड़ी ने ऐसा भी नहीं किया है।हालांकि उन्होंने ये बात जरूर स्वीकार की है कि इस कम्पनी ने सभी मज़दूर विभागीय मानदंडों के तहत ही भर्ती किये हैं।

इससे स्पस्ट है कि विभाग के पास जानकारी होते हुए भी उसे जानबूझकर छुपाया जा रहा है।वहीं पर हिमाचल सरकार की पॉलिसी के तहत किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य में अस्सी प्रतिशत रोज़गार स्थानीय युवाओं को देना अनिवार्य है लेकिन धर्मपुर में इस कंपनी ने सभी मज़दूर दूसरे राज्यों के ही लगाए हैं जो सरकार की पालसी की उलंघन्ना है तथा स्थानिय वेरोजगारों के साथ धोखा है।

error: Content is protected !!