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“जहां चाह वहां राह”

स्वतंत्र हिमाचल

 

यह उस व्यक्ति का एक आदर्श वाक्य है जिसने पंजाब के एक छोटे से गांव से पढ़ाई की और आखिरकार अमेरिका से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की आज वह अमेरिका में वैज्ञानिक पद पर कार्यरत है
उदय भानु का जन्म होशियारपुर जिले के एक छोटे से गांव हाजीपुर में माता पिता  तरलोक सिंह और आज्ञा रानी के हुआ वह अपने माता-पिता की दूसरी संतान है वह बचपन से ही मेहनती और समय के पाबंद रहे हैं मेरे बेटे को सभी विषयों का बहुत अच्छा ज्ञान है जब वह अपने पैतृक गांव हाजीपुर में कक्षा तीन में पढ़ रहा था तब वे उच्च कक्षाओं के प्रश्नों को हल कर लिया करता था यह देख मैंने उसे अपने सीमित संसाधनों के बावजूद उसे एक अच्छी शिक्षा प्रदान करने का फैसला किया मैं सुबह 4  बजे उसे जगाता था और उसने भी कभी सुबह जल्दी उठने से इनकार नहीं किया या किसी भी तरह का आलस्य नहीं दिखाया कभी भी, यह उदय के पिता तरलोक सिंह का कहना है

जब उनसे पूछा कि बचपन में डॉक्टर उदय कितने घंटे पढ़ाई करते थे तो उन्होंने कहा वह अपने स्कूल में पढ़ने के अलावा औसतन हर दिन 5 से 6 घंटे घर में पढ़ाई करता था
गवर्नमेंट कॉलेज तलवाड़ा से बीएससी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर से एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी का अध्ययन करने का निश्चय किया तथा चंडीगढ़ जाने का फैसला किया एमटेक करने के पश्चात जब उदय के सभी दोस्त अच्छी नौकरी में जा रहे थे तब भी उदय के मन में कुछ और ही चल रहा था वह प्रतिष्ठित संस्थान आईटीआई दिल्ली से नैनोसाइंस में पीएचडी करने का सपना लेकर दिल्ली चले गए दिल्ली में रहने के दौरान उन्हें बहुत सी नई चीजें सीखने को मिली परिणाम स्वरूप ज्ञान के प्रति उनकी लालसा बढ़ती गई धन की कमी, शिक्षा में उनकी गहरी रुचि को नहीं रोक सकी कुछ समय बाद उन्होंने अधिक ज्ञान व सर्व उच्चय शिक्षा की तलाश में अमेरिका जाने का फैसला किया।

एक दिन ऐसा आया जब उन्हें अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा से पूरी स्कॉलरशिप के साथ एडमिशन का ऑफर मिला जहां उन्होंने 5 साल से भी कम समय में फिजिक्स में मास्टर और पीएचडी दोनों डिग्रीस हासिल की वह हमेशा जानते थे कि उन्हें अपनी डिग्रीस जल्द से जल्द पूरी करनी होगी ताकि वह अन्य चीजों पर काम कर सके और समाज की सेवा कर सके अपनी पीएचडी के दौरान उदय ने सेमीकंडक्टर और नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में कई वैज्ञानिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।
विशेष रुप से डॉ उदय भानु ने सेमीकंडक्टर मेटेरियल पर काम किया है हर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इलेक्ट्रॉनिक चिप से बना होता है और ये इलेक्ट्रॉनिक चिप सेमीकंडक्टर मैटेरियल से बने होते हैं चाहे वह आपके हाथ में मोबाइल हो या आपके कार्यालय में लैपटॉप हो या घर पर टेबलेट इन सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी है उन्होंने ऐसे सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक चिप पर काम किया है जो नैनोमीटर पैमाने पर बने होते हैं जो कि हमारे मोबाइल फोन लैपटॉप को छोटा और तेज बनाता है एक नैनोमीटर इंसान के एक बाल के एक हजारवें हिस्से से भी छोटा होता है जिस सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स पर उन्होंने अमेरिका में काम किया है उसका नाम है मौलिब्डेनम डाईसल्फाइड।

तेज और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती मांग ने दुनिया के सभी वैज्ञानिकों को नई-नई सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स की खोज करने के लिए प्रेरित किया है जो भविष्य में इन सभी इलेक्ट्रॉनिक चिप में उपयोग किया जा सके और मौजूदा मेटेरियल सिलिकॉन की जगह ले सके मौलीब्डेनम डाईसल्फाइड कई संभावित मैटेरियल्स में से एक संभावित उम्मीदवार है जिस पर दुनिया भर के वैज्ञानिकों द्वारा इस समय अध्ययन किया जा रहा है डॉ उदय भानु ने उत्तर दिया जब उनसे इस नए मैटेरियल्स के बारे में पूछा गया।

अपनी रिसर्च के शुरुआती कार्य में उन्होंने टू डायमेंशनल सेमीकंडक्टर में चार्ज ट्रांसफर मेकैनिज्म और डोपिंग मेकैनिज्म पर एक बुनियादी समझ उत्पन्न की और दुनिया को इसके बारे में बताया उनके शोध ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नए आवेदन का मार्ग प्रशस्त किया है उनका शोध रॉयल सोसायटी ऑफ केमिस्ट्री द्वारा प्रकाशित नैनोस्केल और नेचर द्वारा प्रकाशित साइंटिफिक रिपोर्ट जैसे उच्च प्रभाव वाले पियर रिव्यू जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

जैसे हमारे पास एक रेडियो में नॉब होती है जिसके द्वारा हम एक ही रेडियो को अलग-अलग प्रसारण स्टेशनों पर ट्यून कर सकते हैं और उन सभी स्टेशनों को सुन सकते हैं उसी तरह अगर हमारे पास नैनोस्केल उपकरण में कोई नॉब हो जिसके द्वारा हम इसके प्रॉपर्टीज को ट्यून कर सकें तब हम कई अनुप्रयोगों के लिए इनका प्रयोग करने में समक्ष हो सकते हैं ऐसे किसी भी टूनेबल मेटेरियल या डिवाइस के अनुप्रयोग की संभावनाएं असीम है डॉ उदय ने कहा जब उनसे हाली में द. जर्नल ऑफ फिजिकल केमिस्ट्री में प्रकाशित उनके अविष्कार के बारे में पूछा गया।

डॉक्टर उदय भानु एक स्व. प्रेरित स्व. निर्देशित और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति है जो हमेशा एक आदर्श वाक्य में विश्वास करते हैं “जहां चाह है वहां राह है”

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