स्कूल-कालेजों में हिजाब पहनना इस्लाम में जरूरी धार्मिक प्रथा नहीं,कर्नाटक में 21 तक धारा 144

 

स्वतंत्र हिमाचल(ब्यूरो)

कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर पुलिस ने मंगलवार से 21 मार्च तक बेंगलुरु शहर और कर्नाटक के कई हिस्सों में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। हाई कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर पाबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं को आज खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम में जरूरी धार्मिक प्रथा नहीं है।


अदालत ने कहा कि स्कूल यूनिफॉर्म का लागू होना उचित प्रतिबंध है, जिस पर छात्र आपत्ति नहीं कर सकता है। मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने यह भी कहा कि सरकार के पास सरकारी आदेश जारी करने का अधिकार है और इसके अमान्य होने का कोई मामला नहीं बनता है। मुख्य न्यायाधीश ऋतु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम काजी की तीन सदस्यीय पीठ फैसला सुनाया। मामले में पीठ के समक्ष 11 दिन तक सुनवाई चलने के बाद न्यायालय ने 25 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने सुनवाई के पहले ही दिन एक अंतरिम आदेश पारित किया, जिसमें छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म वाले कालेजों में कक्षाओं में भाग लेने के दौरान हिजाब या भगवा शॉल नहीं पहनने तथा किसी भी धार्मिक झंडे का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!