नहीं रही धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला शिक्षक लीला शर्मा

स्वतंत्र  हिमाचल

(सरकाघाट) रंजना ठाकुर

उपमंडल सरकाघाट  की ग्राम पंचायत सधोट के एक साधारण किसान परिवार  में पैदा हुई लीला शर्मा उस समय अध्यापक बनी जब लड़कियों को पढ़ाया नहीं जाता था। वे   जहां अपने छात्रों के लिए आदर्श रही ,वहीं समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी वनी और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की पहली शिक्षक बनी 99 वर्षीय लीला शर्मा का  अचानक निधन हो जाने से जहां परिवार सदमे में डूवा हुआ है वहीं क्षेत्र में शोक लहर है। ये अपने माता  पार्वती शर्मा व पिता गंगा राम शर्मा  की इकलौती सन्तान थी। उनका जन्म 1921में हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा तत्कालीन मिडल स्कूल सरकाघाट में हुई थी।

वे धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला शिक्षिक  वनी। और उनकी शादी सनौर के मोहन लाल शर्मा से हुई थी जो स्वयं भी अध्यापक थे।लीला शर्मा अपने माता पिता की इकलौती सन्तान होने से मोहन लाल शर्मा घर जमाई वन कर सधोट ही रहने लगे थे लीला शर्मा वचपन से ही सवेदनशील प्रवृति की थी और हमेशा सच वोलना कर्तव्यनिठा के प्रति निष्ठावान सादगी एवं अच्छा आचरण , परिवारिक संस्कार और अपने सिद्धान्तों के आगे कभी समझौता नही किया।

1978में वे केन्द्रिय मुख्यअध्यापिका के पद से सेवा निवृत हुई थी और समाज सेवा में लग गई उन्होने जहां  पंचायत घर के लिए ,स्कूल के और,पटवारघर के लिए जमीन दान दी। वहीं अनेक गरीव लडकियों की शादी भी अपने खर्चे पर कर क्षेत्र में मिसाल कायम की ।यही नहीं उन्हेने जहां गरीव असहायों अपगों बीमारों की सेवा में अपना अधिकतर समय विताया।

वहीं अपने माता पिता पति की सेवा भी की। लीला शर्मा ने सुबह ही अपने शरीर का परित्ययाग कर परमात्मा के चरणों में लीन हो गई। वे अपने पीछे  एक वेटा पांच वेटियो को रोता विलखता छोड गई है।उनके जाने से सभी नाते रिश्तेदार,और सधोट निवासी आहत हैं। लीला शर्मा के निधन के साथ एक युग का भी अंत हो गया ।परन्तु उनकी यादें समरण रहकर सदैव अमर रहेगी। उनके निधन पर शिक्षा जगत की जानीमानी हस्तियों ने शोक जताया है।

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