कुल्लू

उत्तराखंड त्रासदी : हिमाचल के आठ युवक लापता, परिजन बेहाल, नहीं हो पा रहा संपर्क

 

 

 

स्वतंत्र हिमाचल

( कुल्लू)सुरेश भारद्वाज

जिला कुल्लू के मनाली-लेह एक्सिस व ब्यास कुंड को दो दिनों तक के लिए हिम-स्खलन की दृष्टि से आंशिक असुरक्षित घोषित किया गया है। स्नो एंड एवलांच स्टडी एस्टेबलिशमेंट अर्थात सासे मनाली की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार जिला के इस इलाके में जाना खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा रोहतांग टॉप-कोकसर-सिस्सु सहित अन्य स्थानों को भी आंशिक असुरक्षित बताया गया है। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेश्यिर टूटने के कारण मची तबाही के बीच हिमाचल में भी आपदा प्रबंधन इकाई अलर्ट हो गई है। प्राधिकरण ने मनाली-लेह एक्सिस के अलावा तमाम अन्य स्थानों के लिए हिम-स्खलन को लेकर एडवाइजरी जारी की है और एहतियात बरतने को कहा है। हाल ही में कुल्लू सहित पूरे प्रदेश में ताजा हिमपात हुआ है।


इस कारण कुल्लू के रोहतांग व पार्वती ग्लेशियरों में बर्फ की चादर और ज्यादा मोटी हो गई है, तो उंचाई वाले इलाकों में जाना खतरे से भरा हो गया है। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियरों के कारण बरपी तबाही के बाद कुल्लू जिला प्रशासन भी चौकस हो गया है और जिला के इन खतरनाक स्थानों की ओर जाने वालों को अलर्ट किया है।

 

सासे मनाली की एडवाइजरी के मुताबिक कुल्लू व लाहुल-स्पीति के कोठी, रोहतांग टॉप, कोकसर, सिस्सु, तांदी के अतिरिक्त रोहतांग टनल के दोनों पोर्टल को भी दो दिनों के लिए आंशिक असुरक्षित घोषित किया गया है। हालांकि जिला के खनाग-जलोड़ी टॉप, कलाथ, नेहरूकुंड, सोलंग सहित अन्य स्थानों को सुरक्षित बताया गया है। वहीं, सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। एडवाइजरी के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी अलर्ट है। आपदा प्रबंधन अध्यक्ष डा. ऋचा वर्मा के अनुसार इस बारे में तमाम इंतजाम किए गए हैं और हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है। सभी को खतरनाक स्थानों के आसपास न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है।

सिरमौर प्रशासन को फिलहाल नहीं है कोई जानकारी

उत्तराखंड में भीषण बाढ़ के बाद सिरमौर जिला के माजरा गांव निवासी जीत बहादुर भी अपने साथियों सहित सुरंग में फंसा है। सूत्रों के अनुसार जीत बहादुर एनटीपीसी के साथ कार्य कर रही ऋषित कंस्ट्रक्शन कंपनी में डीजीएम पद पर कार्यरत है। उसके साथ  कंपनी के 35 व्यक्ति भी बताए जा रहे हैं। वह एनटीपीसी की एक टीम को सुरंग के अंदर सर्वे को गए था।

जब जीत बहादुर अपनी टीम के साथ सुरंग में करीब ढाई सौ मीटर अंदर थे, तभी जल प्रलय आ गई। बताया जा रहा है कि  टनल का एक काफी बड़ा हिस्सा मलबे से पूरी तरह बंद है।
माना जा रहा है कि रात करीब 12 से 12ः30 बजे के आसपास रेस्क्यू टीम सुरंग में फंसे हुए लोगों तक पहुंच सकती हैं। उधर, कंपनी के अधिकारी राकेश डिमरी ने बताया कि जीत बहादुर अपनी गाड़ी के साथ सुरंग के काफी अंदर हैं। उधर, उपायुक्त सिरमौर डा. आरके परूथी ने बताया कि फिलहाल जिला सिरमौर के किसी भी व्यक्ति की चमोली की त्रासदी के दौरान फंसे होने की सूचना सिरमौर जिला प्रशासन को फिलहाल नहीं है।

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