मनरेगा कानून को अपंग बनाना दुर्भाग्यपूर्ण : सीटू आनी

 

स्वतंत्र हिमाचल
(आनी) विनय गोस्वामी

 

मनरेगा एक कल्याणकारी कानून है, ग्रामीण स्तर पर अगर देखा जाए तो यह कानून बहुत ही फायदेमंद है और एक रोजगार का साधन भी है, इसके साथ विकास का भी एक बहुत बड़ा विकल्प है, लेकिन जिस तरह से मनरेगा क़ो अपंग बनाया जा रहा हैं ,यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। 

सीटू आनी क़ा मानना है कि सरकार हर साल मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है, अभी क़ोरोना संकट में सरकार को मनरेगा का 120 दिन का रोजगार सुनिश्चित करना चाहिए था, लेकिन इसको धरातल पर लागू करने के लिए प्रशासन और सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध नहीं है, विडंबना है कि मनरेगा मजदूरों ने आवेदन किए हैं लेकिन आवेदन करने के बाद भी महीनों तक मनरेगा में काम नहीं मिलता है और कानून में यह प्रावधान है कि 15 दिन के अंदर रोजगार देना चाहिए वरना कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी या जुर्माना भी किया जाएगा और विभाग पंचायत रसीदें नहीं देते।

पदम प्रभाकर ने कहा की आनी तहसील में अधिकतर पंचायतों में मनरेगा की दयनीय हालत है लोगों को उनके रोजगार से वंचित किए जा रहे हैं अगर आवेदन करते हैं तो रसीद नहीं देते, आवेदन दिया तो काम नहीं देते।


हर पंचायत में लाखों की शैल्फ डालते हैं लेकिन शैल्फ पूरी नहीं होती है, कारण समय पर काम नहीं करना और इसमें जंनता के पंचायत में चुने प्रतिनिधि से लेकर निचले स्तर तक एक कमी है और सबसे बड़ी कमी सरकार की है जो विभागों में खाली पड़े पद है उन्हें भर्ती नहीं करते एक रोजगार सेवक के पास 4 से 5 पंचायतें आती हैं और आनी ब्लॉक में एक ही टेक्निकल जेई है ,यह बहुत ही शर्मनाक बात है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर मांग करते हैं की जनता को काम चाहिए और रोजगार चाहिए अब यह हालत बहुत ही नाजुक है और अभी आर्थिक संकट है कृषि संकट भी । खेती का संकट भी आए हैं फसलें नष्ट हो गई है कुछ ओलावृष्टि से, कुछ तूफान से तो कुछ बारिश से ऐसी हालत में किसान और मजदूर कैसे जिए? इस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।

 

य़े हैं मुख्य मांगें :-

1–आनी की हर पंचायत में 120 दिन का रोजगार सुनिश्चित करें।
सभी जाब कार्ड धारकों को काम दो।

2—आवेदन करने पर मजदूरों को रसीद देना सुनिश्चित करें ,काम नहीं तो भत्ता दो आबेदन करने बारे मनरेगा मजदूरों को काम दो।

3–मनरेगा कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाए और जुर्माना सुनिश्चित की जाए।

4–ग्राम रोजगार सेवकों की भर्ती की जाए हर एक पंचायत में

5–सभी मनरेगा मजदूरों को 6000रू कोरोना संकट पर दिया जाए।

ग्राम रोजगार सेवक सुनिश्चित करें उसके साथ जेई के खाली पदों को तुरंत भरा जाए।

पंचायत समिति सदस्या रंजना ठाकुर ने कहा बुच्छैर,लफाली पंचायतों में 10 जून तक समय पर काम नहीं दिया तो 11जून गांव पर प्रर्दशन करेंगे, सांकेतिक हड़ताल पर भी बैठैंगे।लफाली बुच्छैर पंचायत में मनरेगा मजदूरों ने काम के लिए आवेदन दिए काम नहीं।

इस संदर्भ में एक बैठक भी क़ी गयी जिसमें लीला चंद, मनीराम, दलीप, बुधराम , संतोष बेली राम लग्न ,तेजराम,प्रकाश इत्यादि मौजूद रहे।

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