सरसों के तेल पट्रोल डीज़ल और राशन के दाम बड़ा कर सरकार नें जीना किया मोहाल: पवन ठाकुर

(सरकाघाट)रितेश चौहान

 

प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं पूर्व में रहे कांग्रेस प्रत्याशी पवन ठाकुर ने सरकारी डिपुओं में सरसों तेल व राशन की कीमतों में वृद्धि होने पर चिंता व्यक्त की है।जब प्रदेश में इस महामारी के दौरान लोगों के रोजगार चले गए हैं, तो ऐसे समय पर जो डिपुओं पर सस्ता राशन मिलता था उसकी कीमतों में सरकार को वृद्धि करनी चाहिए या और सस्ता करना चाहिए।छोटे व्यपारि , ट्रांसपोर्टर, टैक्सी ऑपरेटर, चालक , उद्योगों से हुए बेरोजगार और सूखे की वजह से परेशान किसान वैसे ही इस महामारी की चपेट में हैं।जहां इन लोगों को राहत देनी चाहिये थी उल्टा वहां प्रदेशवासियों को सरकार तोहफे में महंगाई दे रही है।
पवन ने कहा कि हमे ये पता नहीं लग रहा कि सरकार को उद्योपति चला रहे हैं या जनता के चुने हुए प्रतिनिधि चला रहे हैं।आज पूर्ण रूप से सरकार उद्योगपतियों के चुंगल में है।ऐसी कौन सी आफ्त आ गयी थी कि सरसों का तेल 200 रुपये लीटर व अन्य खाद्य पदार्थ की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।क्या देश मे सरसों की कमी हो गयी है या किसानों ने सरसों के दाम बढा दिए हैं।जहां सरकार को उद्योगपतियों के ऊपर शिकंजा कसना चाहिए था वहां उल्टा सरकार ने आम आदमी पर महंगाई का शिकंजा कस दिया है।


सरकार ने अच्छे दिनों का वादा करके देश और प्रदेश की जनता को ठगा।जनता तो अब कह रही है कि हमे वो पुराने ही दिन लोटा दो । जहां 70 सालों में सरसो का तेल 80 रुपये लीटर,पेट्रोल 60 रुपये लीटर, रसोई गैस सिलेंडर 400 रुपये पहुंचा पर भाजपा के 70 महीनों के शासन काल में यही सरसों तेल 80 से 200 रुपए लीटर,पेट्रोल 60 से 100 रुपए लीटर और गैस 400 से 1000 रुपए सिलिन्डर पहुंचा है।अब देश और प्रदेश की जनता को पता चल चुका है कि कौन से दिन अच्छे थे और कौन से बुरे दिन।
पवन ठाकुर ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि सरकारी डिपुओं में राशन और सरसों तेल की बढ़ी हुई कीमतों को वापिस लें ताकि आम जन मानस को इस महामारी के दौरान राहत मिल सके।

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