कोविड से जान गवाने वालों के आश्रितों को मिले मुआवजा : माकपा

 

कोरोना से हो रही मौतों को भी दुर्घटना वाली मौत घोषित करे सरकार

(सरकाघाट)रितेश चौहान

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सरकाघाट व धर्मपुर लोकल कमेटी ने पिछले एक साल से कोरोना के कारण जान गवाने वाले व्यक्तियों के परिवारजनों को 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की मांग की है।पार्टी के सचिव व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह सदस्य सुरेश शर्मा एडवोकेट, सुरेश राठौर, सुरेश शननी, दिनेश काकू, दिनेश ठाकुर, मॉन सिंह, बी डी शर्मा, रणताज़ राणा, अरुण अत्री, रामचन्द ठाकुर, करतार सिंह चौहान, कशमीर सिंह, लूद्दर सिंह, मिलाप चंदेल, मोहन लाल, प्रकाश सकलानी, प्रकाश वर्मा, बाला राम, दीपक प्रेमी, प्रताप सिंह, दूनी चन्द, अनिल कुमार, सूरत सकलानी, मेहर सिंह, नरेन्द्र पठानिया, टेक सिंह इत्यादि ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश सरकार जल्दी से इस बारे निर्णय ले और प्रदेश में अब तक हज़ारों की संख्या में जान गवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा उपलब्ध करवाये और इन मौतों को भी दुर्घटना से होने व्सलि मौत घोषित किया जाये।पार्टी के सचिव भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी पार्टी राज्य सरकार से इस बारे लंबे अरसे से मांग कर रही है और पार्टी के विधायक राकेश सिंघा ने इसे मुख्यमंत्री को लिखित में भी प्रेषित किया था और उस पर कर्यवाई करते हुए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी थी लेकिन एक दिन बाद ही वो वापिस ले ली थी।हालांकि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और केंद्र सरकार को जल्दी नीति बनाने के निर्देश दिये हैं।

उन्होनें कहा कि बहुत से लोगों की जान सरकार की कमियों के कारण हो रही है कियूंकि पिछले एक साल से टीकाकरण में देरी, ऑक्सीजन और वेंटीलेटरो की कमी तथा अस्पतालों की अतिरिक्त व्ययवस्था न होने से दूसरी लहर में मृतयु दर पहले से कहीं ज्यादा है और हिमाचल प्रदेश में हर रोज़ पचास से ज़्यादा मौतें कोरोना के कारण हो रही हैं।भूपेंद्र सिंह ने ये भी कहा कि प्रदेश में सभी कोरोना संक्रमितों जिनकी मौत घर पर ही हो जाती है उसका रिकॉर्ड कोरोना मरीज़ के रूप में नहीं हो रहा है और अस्पतालों में भी सही तरीके से रिकार्ड तैयार नहीं हो रहा है।उन्होंने मांग की है कि होम आइसोलेशन में रह रहे या सामान्य तौर पर ही घरों में रह रहे मरीजों का कोरोना परीक्षण करने का दायरा बढ़ाने की ज़रूरत है और जितनी भी मौतें पिछले दिनों में हुई है उनके परिवारजनों को सरकार की दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों के लिए लागू नीति के अनुसार चार लाख रुपये सहायता प्रदान की जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!