जिस दिन देश और प्रदेश की मातृशक्तियों को सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक तौर पर मजबूती मिलेगी उससे बड़ा मान सम्मान शायद ही कोई हो : राकेश चौहान

 

जोगिंदर नगर,क्रान्ति सूद

 

देवभूमि हिमाचल प्रदेश की समस्त जनता मान सम्मान देने में कभी पीछे नहीं रही है प्रदेश की जनता ने मान सम्मान और अपनी संस्कृति को संजोकर रखा है विशेष तौर पर हमारी माताएं बहनें आदर सम्मान देने के लिए परिपूर्ण हैं। यह बात प्रदेश कांग्रेस सचिव राकेश चौहान ने जारी ब्यान में कही। उन्होंने कहा कि आज अगर प्रदेश सरकार का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को न्योता आया है तो उन्होंने उसका भी पूरा सम्मान किया और अपने व्यस्त समय से समय निकालकर इस समारोह की शोभा बढ़ाई है इस सरकारी कार्यक्रम में महिलाओं की उपस्थिति को भाजपा पार्टी अपनी उपलब्धि न समझे क्योंकि प्रदेश की भाजपा सरकार की विफलता का असली चेहरा प्रदेश की इन सब माता बहनों के सामने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र की माताएं बहनो ने तो सरकार के मान सम्मान में वचनबद्धता दिखाई है लेकिन बदले में भाजपा व जयराम सरकार ने फिर सम्मानित मातृशक्तियों के साथ छल कपट किया महिलाओं के सम्मान और उत्थान और सशक्तिकरण के लिए ना केंद्र की मोदी सरकार और ना ही प्रदेश में जय राम सरकार कुछ कर पाई मात्र हर बार राजनीतिक फायदे के लिए मातृशक्तियों के साथ छल कपट किया जा रहा है और यह कैसा राज्य स्तरीय महिला सम्मान दिवस जो मंगलवार को जोगिंदर नगर में इस आयोजन पर लगभग 4 घंटे सभी सम्मानित महिलाओं को मुख्यमंत्री का इंतजार करना पड़ा। अधिकतर महिलाएं सभा को छोड़कर मुख्यमंत्री का के भाषण से पहले ही निकल गई जबकि होना तो यह चाहिए था कि सही में अगर महिलाओं का मान सम्मान आज के दिन करना था तो मुख्यमंत्री पहले पहुंचते ,और न ही आज के दिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के द्वारा महिलाओं के मान सम्मान और उत्थान के लिए कोई विशेष तरह की सौगात भी नहीं दे पाए ।


उन्होंने कहा कि सही में अगर महिलाओं को इस प्रदेश और देश में मान सम्मान दिया है वह पूर्व में यूपीए कि मनमोहन सरकार के वक्त सोनिया गांधी की एक मजबूत और सुदृढ़ सोच ने दिया है महिलाओं के सशक्तिकरण को बल मिले,उसके लिए देश में कई कानून बनाए जिसमें मुख्य रूप से रोजगार का कानून जिसके अंतर्गत मनरेगा जैसी योजना और विशेष तौर पर महिलाओं को हर क्षेत्र पर घर द्वार पर रोजगार देने में प्राथमिकता दी है। शिक्षा का अधिकार जिसमे देश व प्रदेश के 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के साथ साथ विषेश तौर पर बेटियों की शिक्षा को महत्व देना, सूचना का अधिकार जिस पर किसी भी तरह की जानकारी हासिल की जा सकती है खाद्य सुरक्षा का अधिकार जिसमें देश और प्रदेश का कोई भी नागरिक भूखा न रहे उसमें भी कानून बनाया गया, यह सब महिला सशक्तिकरण में कागर सिद्ध हुए हैं जिस दिन हमारी माताएं और बहनें जब सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक तौर पर मजबूत हो जाएगी तो उस दिन इस देश और प्रदेश की महिलाओं के लिए इससे बड़ा मान-सम्मान और कोई नही हो सकता । इस तरह प्रदेश के हर वर्ग के उत्थान और प्रगति की सोच कांग्रेस पार्टी की प्रदेश और देश की जनता के लिए वचनबद्धता है।

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