करतार सिंह चौहान को सौंपी मनरेगा मज़दूर यूनियन की कमान

 

सजाओपीपलु में आयोजित खण्ड सम्मेलन में 300 रु दिहाड़ी की उठायी मांग

(सरकाघाट)रितेश चौहान

मनरेगा व निर्माण मज़दूर यूनियन धर्मपुर खण्ड का सम्मेलन अम्बेडकर भवन सजाओपीपलु में आयोजित किया गया।जिसकी अधयक्षता सुवेदार मोहनलाल, प्रकाश वर्मा औऱ करतार सिंह चौहान ने की।सम्मेलन का उदघाटन यूनियन के राज्य महासचिव व पूर्व ज़िला करते परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने किया।उन्होंने अपने उदघाटन संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार मनरेगा मजदूरों के साथ भेदभाव कर रही है और मजदूरों को प्रदेश सरकार की निर्धारित तीन सौ रुपये दिहाड़ी के बजाये 203 रु ही दिए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को समान काम का समान वेतन का नियम लागू करते हुए सभी मनरेगा मज़दूरों को आठ घंटे काम करने के तीन सौ रुपये देने चाहिये।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का बजट 35 प्रतिशत कम कर दिया है जिसके कारण अब मजदूरों को पहले की तुलना में और कम काम मिलेगा।उन्होंने कहा कि मजदूरों को काम करने के लिए औज़ार मुहैया नहीं दिये जाते हैं और उन्हें अपने घर से लाकर काम करना पड़ रहा है।इसके अलावा राज्य सरकार ने रैगुलर नॉकरियाँ ख़त्म करने की नीति लागू कर रही है और अब ठेके पर पार्ट टाइम औऱ कम वेतन वाली नॉकरियाँ ही दी जा रही है।जिससे मज़दूरों को अपना औऱ अपने परिवार का गुजारा करना मुशिकल हो गया है।

भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मनरेगा व निर्माण मजदूरों के लिए कल्याण बोर्ड से जो सामग्री पिछली सरकार के समय मिलती थी वो वर्तमान भाजपा सरकार ने बन्द कर दी है और मज़दूरों के अन्य लाभ भी दो साल से लंबित है।उन्होंने कहा कि सीटू से सबंधित मज़दूर यूनियन ने बोर्ड से मज़दूरों के पंजीकरण के कार्य को उपमंडल स्तर पर करने की मांग की थी जिसके चलते अब धर्मपुर औऱ गोपालपुर खण्डों का कार्य सरकाघाट से जल्दी ही होना शुरू हो जायेगा।सम्मेलन में मांग की गई कि मनरेगा कार्यों का सही तरीके से कार्यन्वयन करने के लिए प्रत्येक पँचायत में ग्रामीण रोज़गार सेवक औऱ तकनीकी सहायक नियुक्त किये जायें।इसके अलावा मनरेगा में ऑनलाईन हज़ारी लगाने का फैसला वापिस लिया जाये और मनरेगा में मिस्त्री का प्रावधान किया जाये।सम्मेलन में अलग अलग पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत काम करने में मजदूरों को आ रही समस्याओं पर प्रतिनिधियों ने चर्चा की। इस अवसर पर 35 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया जिसमें करतार सिंह चौहान को अध्यक्ष,प्रकाश वर्मा को महासचिव और सुवेदार मोहनलाल को कोषाध्यक्ष लुददर सिंह, रामचन्द ठाकुर, सुखराम ठाकुर और बलदेव ठाकुर को उपाध्यक्ष तथा मिलाप चन्देल,मान सिंह पठानिया, हरजीत सिंह औऱ कश्मीर सिंह को सचिव चुना गया।इसके अलावा कंचनलता, रीना, कृष्णि देवी, कुंता देवी, सिमरो देवी,शांता देवी, कुंता सकलानी, संजना देवी, त्रिशला देवी, निलमा देवी,रजनी देवी, मंजू देवी, ओमलता,रीना, सुमन, रीना, आशा, चंचला, किरण वाला, निर्मला,रीनू, बबली, सीता, मिना, सरोजा, रीतू देवी,निलमा देवी इत्यादि को कमेटी सदस्य चुना गया।

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