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विद्युत मीटर के लिए 2006 से बोर्ड के चक्कर काट रहा थानाकलां का गुरुदेव

Byswatantra himachal

Jul 22, 2021

परिवार में पत्नी, बेटा, बेटी का पीजीआई से चलता है उपचार
गरीबी ने तोड़ी व्यक्ति की कमर, नहीं है कोई की सुध लेने वाला
पांच सदस्यों सहित पुश्तैनी मकान के एक कमरे में रहने को विवश

(ऊना)ललित ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के जिला उना की कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के तहत आज भी एक गरीव परिवार बिजली, पानी व आर्थिक सहायता के लिए थानाकलां कस्बे का गुरदेव सिंह सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते काटते हताश हो गया है। सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के व्यवहार से पीड़ित व्यक्ति इतना हताश व निराश हो गया है कि वह अब दफ्तरों का रुख करना ही नहीं चाहता है। पीड़ित व्यक्ति के मुताबिक वर्ष 2006 में आवास योजना के तहत उसे कुछ पैसे मकान निर्माण के लिए मिले थे। सरकारी पैसों, कुछ कर्ज लेकर व रिश्तेदारों की सहायता से उसने मकान का निर्माण तो कर लिया लेकिन उस मकान में आज तक बिजली का मीटर नहीं लग पाया है।

बकौल गुरुदेव विद्युत बोर्ड के कर्मचारी कहते हैं कि आपके मीटर के लिए सर्विस वायर अधिक पड़ेगी व कुछ अन्य कमियां निकाल देते हैं। वर्ष 2006 से मकान के निर्माण के बाद से ही गुरदेव सिंह बिजली के मीटर के लिए विद्युत बोर्ड के चक्कर काट रहा है। गुरदेव सिंह का कहना है कि वह मकान में मीटर न लग पाने की वजह से अपने पिता द्वारा बनाए गए पुराने मकान के एक कमरे में परिवार के पांच सदस्यों सहित रहता है।

यही नहीं गुरदेव सिंह को पीने के पानी का नल भी अभी तक नहीं लग पाया है जबकि उसने नल लगाने के लिए कुछ राशि भी विभाग के पास जमा करवा रखी है। दूसरी ओर गरीबी ने गुरदेव सिंह की कमर तोड़ कर रख दी है। गुरुदेव के परिवार में 5 सदस्य मौजूद हैं जिनमें पत्नी, बेटी व बेटे का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ से चलता है। इस व्यक्ति का बेटा बीमारी के चलते इसे इतना परेशान करता है कि रात किस में नींद से उठ कर कहीं भी चला जाता है।

दिन के समय गुरुदेव दिहाड़ी मजदूरी करके कुछ पैसा इकट्ठा करता है जो कि पांच सदस्यों का पेट भरने के लिए भी काफी नहीं होता है। ऐसी स्थिति में परिवार के तीन सदस्यों का गुरदेव सिंह उपचार कैसे करवाए। गुरदेव सिंह का कहना है कि वह उपचार में सहायता करने के लिए जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे खटखटा चुका है लेकिन कोई भी व्यक्ति, सरकारी या गैर सरकारी संस्था उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आई है। इस व्यक्ति की दर्द भरी दास्तान दर्शा रही है कि प्रदेश सरकार की गरीबों के उत्थान के लिए चलाई जाने वाली सरकारी योजनाएं धरातल पर गरीबों तक नहीं पहुंच रही हैं।

बहीं पर विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता बृजमोहन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इतना पुराना मामला नहीं हो सकता। अगर किसी कारण वश इस व्यक्ति का मीटर नहीं लग पाया है तो विद्युत बोर्ड मीटर लगवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

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