हिमाचल की छवि खराब करने वालों के खिलाफ हो कडी कारवाई : लघु उद्योग भारती

नकली दवा बनाने पर कसा जाए कडा शिकंजा : चिरंजीव ठाकुर

(बददी)राकेश ठाकुर

बाहरी राज्यों द्वारा नकली दवाईया बनाने वाली कंपनी के मामले पकडे जाने व सामने आने पर विभाग द्वारा प्रारंभ की गई कारवाई का लघु उद्योग भारती ने समर्थन किया है, और ऐसे लोगों के खिलाफ कडी कारवाई करने के साथ साथ इनका लाईसेंस लम्बित करने की भी अपील की है। यहा जारी एक प्रेस बयान में लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल व फार्मा विंग के प्रांतीय संयोजक चिरंजीव ठाकुर ने कहा की जहा पूरा देश कोरोना जैसी भयंकर महामारी से उबरने का प्रयास कर रहा है, प्रदेश सरकर एवं विभिन समाजिक संघटन मिलकर इस महामारी से निपटने के लिये मिल जुल कर एक दुसरे का सहयोग कर रहे हैं,वही दुसरी ओर कुछ उद्योग गलत दवाईयों का धंधा करने वालों ने ना केवल इंसानियत का गला घोंटने का प्रयास किया है

 

व हिमाचल प्रदेश की छवि को भी शर्मसार किया है। लघु उद्योग भारती ने राज्य सरकार एव औषधि विभाग से मांग की है की वह एसे संगीन मामलों पर कडा संज्ञान ले एवं उनके साथ कडी कानूनी कारवाई अम्ल में लाकर इंसानियत के साथ खेलने वालों को कडा सबक सिखाये ताकी भविष्य में कोई इस तरह के गलत कार्य करने की हिमत ना करें । वही नकली दवाईयों के नाम पर बाहरी राज्यों द्वारा हिमाचल की छवि खराब होने पर भी लघु उद्योग भारती ने कडा एतराज किया है, उन्होंने कहा की हिमाचल एशिया का सबसे बडा ओद्योगिक हब है, ओर यहां हमेशा ही गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाती है। लघु उद्योग भारती प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंसल, फार्मा विंग के चेयरमैन चिरंजीव ठाकुर व वाईस चेयरमैन सुमित सिंगला ने कहा की लघु उद्योग भारती गलत कार्य करने वालो का कड़ा विरोध करती है और राज्य सरकार से आग्रह करते हैं कि एसे मामलों पर कडा संज्ञान ले लेकर उचित कारवाई अमल में लाई जाये । हिमाचल में 700 से ज्यादा उद्योग गुणवत्तापूर्वक दवा बना रहे है लेकिन दो तीन उद्यमी जल्दी अमीर होने के चक्कर में ऐसा घृणित कार्य कर रहे हैं जिसकी हर तरफ निंदा हो रही है। ऐसे उद्योगों पर कार्यवाही तो हो ही साथ में इनका लायसेंस सदा के लिए निलंबित कर देना चाहिए।

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