मंडी

धर्मपुर पंचायत प्रधान रोस्टर के बारे में एक सप्ताह में जबाब दे प्रदेश सरकार:हाईकोर्ट

न्यायालय ने कहा:अपना पक्ष न रखा तो जबाब देने का अधिकार होगा खत्म

स्वतंत्र हिमाचल

(धर्मपुर)डीआर कटवाल

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में धर्मपुर क्षेत्र की कोठुआं पंचायत में पूर्व में रहे उपप्रधान पवन कुमार ने फिर से एक अवमानना याचिका दायर की है जिस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं कि सरकार एक सप्ताह के भीतर याचिका का जबाब दायर करे अन्यथा उसका जबाब दायर करने का अधिकार खत्म हो जाएगा।
न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता पवन कुमार द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए।मामले में अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगा

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने धर्मपुर पंचायत प्रधान चुनाव को लेकर दायर याचिका का निपटारा करते हुए सरकार को आदेश दिए थे कि वह केवल चुनाव से जुड़ी औपचारिकताएं तीन सप्ताह के भीतर अधिसूचित करें जबकि पवनकुमार के अनुसार चुनाव आयोग ने नए सिरे से रोस्टर से जुड़ी खामियों को दूर किए बिना ही चुनावों की घोषणा कर दी गई जो कि सीधे-सीधे हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।माननीय हाईकोर्ट के पिछले आदेशानुसार यह औपचारिकताएं चुनावों से तीन महीने पहले अधिसूचित की जानी थी

इन औपचारिकताओं में रिआँर्गेनाईजेशन,बाईफिकेंशन,सैपरेशन अथवा पंचायतों का पुनर्गठन करने की सूरत में नए सिरे से रिजर्वेशन रोस्टर तैयार करना शामिल था जो की बदली हुई जनसंख्या पर आधारित होना था इस तरह से तैयार रिजर्वेशन रोस्टर को लेकर लोगों की आपतियां भी हो सकती है माननीय हाईकोर्ट ने टुटू और चौपाल विकास खंडों के चुनाव सम्बन्धी मामले मे आदेश दिए थे कि रोस्टर और मतदाता सूचि सम्बन्धी अधिसूचना चुनावों से तीन महीने पहले अधिसूचित हो जानी चाहिए ताकि अदालतें समय पर आपतियों का निपटारा कर सके याचिकाकर्ता पवन कुमार का आरोप है कि धर्मपुर उपमंडल की कोठुआं पंचायत को पिछले दो दशकों से आरक्षित किया जा रहा है जो कि हमारे मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है

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