अटल बिहारी बाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा विशेष सेमिनार का आयोजन

 

(बंगाणा)राकेश राणा

जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के अटल बिहारी बाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा विशेष सेमिनार का आयोजन राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सिकंदर नेगी के अध्यक्षता में किया गया। सेमिनार का विषय ,पैसा  अधिनियम 1996 , गरीबी उन्मूलन और प्रभाव, और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में  शस्त्र नियंत्रण । सबसे पहले फर्स्ट ईयर की छात्रा अंजना सोनी ने कहा कि पेसा का पूरा नाम ‘पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार विधेयक  है।

भूरिया समिति की सिफारिशों के आधार पर यह सहमति बनी कि अनुसूचित क्षेत्रों के लिए एक केंद्रीय कानून बनाना ठीक रहेगा, जिसके दायरे में राज्य विधानमंडल अपने-अपने कानून बना सकें। इसका अन्य उद्देश्य जनजातीय जनसंख्या को स्वशासन प्रदान करना, पारंपरिक परिपाटियों की सुसंगता में उपयुक्त प्रशासनिक ढाँचा विकसित करना तथा ग्राम सभा को सभी गतिविधियों का केंद्र बनाना भी है। उसके बाद बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा नेहा ने गरीबी उन्मूलन एवं प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि  गरीबी देश के लिये बहुत बड़ी समस्या है। इसे ख़त्म करने के लिये युद्ध स्तर पर प्रयास किया जाना चाहिये। हमारी सरकार देश के विकास के लिये कदम उठा रही है।


गरीबी उन्मूलन अर्थव्यवस्था और समाज की एक सतत् और समावेशी वृद्धि सुनिश्चित करेगा। हम सभी को देश से गरीबी दूर करने हेतु किये जा रहे प्रयासों में हरसंभव मदद के लिये तैयार रहना चाहिये। इसके बाद सेकंड ईयर वर्ष की छात्रा काजल ने शस्त्र नियंत्रण पर प्रकाश डालते कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा नि:शस्त्रीकरण को बढ़ावा देने वाले बराबर प्रयास किए जाते रहे हैं। शीतयुद्ध में शिथिलता के दौरान तो नि:शस्त्रीकरण के प्रयास अधिक प्रभावी रहे हैं।

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