प्रशासन की अनदेखी से छोटे व्यापारी दाने दाने को मोहताज

प्रतिबंधित दुकानों के होलसेलर बंद दुकानों की आड़ में भी कूट रहे है चाँदी

(सरकाघाट )रितेश चौहान

 

प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण की  तेजी से बढ रही  दूसरी लहर की चेन तोडने के लिए  लगाए गए कोरोना कर्फ्यु  के चलते कुछ चंद दुकानदारो को दुकाने खोलने की अनुमति  पहले से ही है लेकिन यहां तो अधिकतर दुकाने  कहने को तो बंद है  जवकि  बंद दुकानो के बाहर कुछ बडे व्यापारी सुवह  ही दुकानों के वाहर  वैठ जाते है और  वही से अपनी दुकानदारी  चला कर चांदी कुट रहे है l वहीं  कुछ छोटे दुकानादार दाने दाने को मोहताज है हैरानी की बात है कि न पुलिस की नजर  इन पर है न  ही प्रशासन इस तरफ ध्यान दे रहा है l प्रशासन की अनदेखी के चलते  छोटे वर्ग के दुकादार मंदी की ज्यादा मार झेल रहा है, यही नही  एक तरफ जनता कोरोना महामारी से जूझ रही है ।वहीं  सैकड़ो दिहाड़ीदार व निजी क्षेत्रों  में कार्यरत लोग बेरोजगार हो चुके है ।

 

ऊपर से  सब्जी , करियाने व तेल के दाम सातवे आसमान को छू रहे है ।  जिससे गरीब जनता की को सवसे ज्यादा मार पड रही है ।  बहुत सी दुकानो पर  रेट लिस्ट भी नजर नही आती है और दुकानदार  मनमाने दाम बसूल रहे है  । एक ओर प्रदेश सरकार  कोरोना चेन तोड़ने को प्रयास रत है । जबकि दूसरी ओर करियाना व सब्जियों के  बढ़ते दाम कोरोना वायरस से अधिक घातक सिद्ध हो रहे है ।  करियाना से लेकर सब्जी के दाम मात्र एक  माह में ही 40 से  50 रुपये  बढ़ गए । व लगातार बढ़ रहे हैं । सरकार व प्रशासन सहित विभाग  कोरोना का रोना रो कर इसके प्रति लापरवाह है । तो बड़े व्यापारी जम कर मुनाफा कमा रहे है और छोटे दुकानादार मंदी की मार झेल रहे है  । यही नही यह बड़े व्यापारी   आम जनता के खून पसीने के कमाई को राशन पानी मे ही  खत्म कर रहे है! यहाँ तक कि प्रतिबंधित श्रेणी के होकसेलर बंद दुकानों के पिछले दरवाज़ों से माल बेचकर चाँदी कूट रहे है जबकि छोटे दुकानादारों ने सरकार से गुहार लगाई है कि ऐसा भेद भाव वरदास्त नही होगा या तो सभी दुकाने पुरी तरह बंद कर दो या फिर छोटे  गरीव लोन लेने वाले दुकानदारों  को जहर दे कर मार दो या फिर तील तील मरने से तो एक ही वार मर जाएं!

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