सत्य के मार्ग पर व्यक्ति को अनेक कष्ट मिलते हैं : शशांक कृष्ण कौशल


कुनिहार (ब्यूरो)

जिला सोलन की ग्राम पंचायत पट्टा बराबरी के प्राचीन श्री दुर्गा माता मंदिर के प्रांगण में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिवस में उपस्थित जन समूह को विश्वविख्यात कथाव्यास श्रद्धेय श्री शशांक कृष्ण कौशल जी द्वारा कथा के विभिन्न प्रसंगों से अवगत करवाया गया।उन्होंने राजा हरिश्चंद्र के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया की छल के द्वारा राजा हरिश्चंद्र को ठगा गया जिसके फलस्वरूप राजा को अपना राज्य छोड़कर काशी जाना पड़ा।मुनि विश्वामित्र को देने के लिए जब राजा को दक्षिणा कम पड़ी तब उन्होंने स्वयं कोमहारानी शैव्या को और राजकुमार रोहित को भी बेचकर दक्षिणा पूरी की और अपने वचन की रक्षा की।यमराज ने प्रवीर चांडाल के रूप में राजा हरिश्चंद्र को खरीदा और श्मशान में कर लेने का काम सौंपा।

राजा पूरी तन्मयता के साथ अपने कार्य को करता। अंत में जब राजा रानी के साथ अपने जीवन को समाप्त करने लगे सब देवो ने प्रकट होकर उनके मृतक पुत्र को जीवित किया और राजा हरिश्चंद्र का नाम सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के रूप में हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गया।इस अवसर पर उन्होंने पुरोहितों के विषय में कहते हुए कहा कि कोई ब्राह्मण यदि पूरे भाग से हमारे घर में आकर दो मंत्रों का जाप करता है तो वीर जवान को उसका फल प्राप्त होता है

अतः खुद निमंत्रित किए गए ब्राह्मण को किसी भी प्रकार से अपमानित और लज्जत नहीं करना चाहिए।एक विशेष प्रसंग के माध्यम से उन्होंने श्री बगलामुखी माता की कथा कहते हुऐ निकट ही स्थित श्री बगैणी माता के चरित्र पर भी प्रकाश डाला।
देवी भागवत का यह कार्यक्रम 14 मार्च तक चलेगा जिसमें समस्त क्षेत्रवासी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

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