अर्की में अगस्त्य मुनि व पांडवो की तप स्थली लुटरू महादेव गुफा में ब्रह्मलीन महात्मा रामकृपाल भारती की पुण्य तिथि पर शुरू हुई श्री मदभागवत कथा

(अर्की)कृष्ण रघुवंशी

अर्की मुख्यालय पर स्थित अगस्त्य मुनि व पांडवो की तप स्थली लुटरू महादेव में ब्रह्मलीन श्री 1008 महात्मा रामकृपाल भारती की पुण्य तिथि पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी लोकेश कौशिक ने बताया कि इस भागवत कथा का वाचन पंडित गोवर्धन शास्त्री द्वारा किया जा रहा है।

तथा ब्रह्मलीन रामकृपाल भारती की पुण्यतिथी 19 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। मंदिर के महात्मा व ब्रह्मलीन महात्मा रामकृपाल भारती के चेले हरिओम भारती ने बताया कि यह कथा 19 मार्च तक चलेगी तथा 19 मार्च को भंडारे के पश्चात समापन होगा। कथा के प्रवचन से पूर्व लुटरू महादेव मंदिर से मुटरु महादेव मंदिर तक जल लाने हेतु जलाभिषेक यात्रा आरम्भ हुई पश्चात मुटरु महादेव से महिलाओं द्वारा जल भर कर पुराने बस स्टैंड से लुटरू मंदिर पहुंची। तथा जलाभिषेक के पश्चात भागवत कथा प्रारम्भ हुई। ज्ञात रहे कि इस तपस्थली पर साक्षात शिव विराजमान है।

 

बुजुर्गों के अनुसार गुफा में स्तिथ शिव की पिंडी पर पहले दूध की धारा टपकती थी वह निशान आज भी है।साथ ही शिव पिंडी का एक चमत्कार है कि यदि इस पिंडी पर बने एक छिद्र जोकि शिव मुख भी कहा जाता है उसमें यदि भंगयुक्त सिगरेट जल कर लगाई जाए तो वह पूरी खत्म हो जाती है जैसे कोई व्यक्ति पी रहा हो और अगर सादा सिगरेट लगाई जाए तो वह बुझ जाती है।

साथ ही गुफा में आसमान की तरफ एक बड़ा छेद है जहाँ से सूर्य की रोशनी गुफा में आती है। लेकिन श्रद्धालुओं के अनुसार कितनी ही वर्षा हो लेकिन उस छेद से गुफा में वर्षा का जल नही आती है। लोगो का कहना है कि यह तप स्थली केवल हिमाचल के लोगो के लिए ही नही बल्कि हरियाणा पंजाब उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के लोगो की श्रद्धा का केंद्र है। तथा इन प्रदेशो से भी लोग दर्शनार्थ व भंडारे देने के लिए हर वर्ष आते है।

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