काँगड़ा

श्री बज्रेश्वरी घाट उपेक्षा का शिकार, लोगों में निराशा

(कांगडा)मनोज   कुमार

दशकों पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय   विद्यासागर चौधरी द्वारा पुराना कांगड़ा स्थित श्री बज्रेश्वरी घाट का निर्माण करवाया गया था जिसमें स्नानागार का निर्माण, रास्ते के सौंदर्यकरण  के साथ-साथ बाग में लगे पेड़ों के चारों ओर सुंदर एवं आकर्षक टियालों का निर्माण करवाया गया था । इस स्थल के निर्माण के पीछे स्थानीय प्रशासन की यह सोच रही थी की शक्तिपीठ मां श्री ब्रजेश्वरी देवी के दर्शनों के लिए पूरे भारतवर्ष से लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को एक खुले वातावरण में कुछ पल समय बिताने का सुविधा जनक स्थल प्राप्त हो सके ।


प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस स्थल के साथ ही कलकल बहती बनेर खड्ड और हरे भरे विशाल सुंदर आकर्षक पेड़ दूर से ही पर्यटकों को आकर्षित कर देते हैं
यह सारा प्रांगण बहुत बड़े क्षेत्रफल में फैला होने के कारण पर्यटक अपने वाहनों को सुविधा पूर्ण खड़ा भी कर सकते हैं ।
कुछ वर्षों तक यह घाट पर्यटकों के लिए बहुत ही मन पसंद स्थान रहा यहां पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक यहां रुक कर और अपनी थकान मिटा कर अगले गंतव्य स्थान की ओर प्रस्थान कर देते हैं। इस स्थान के साथ कुछेक स्थानीय लोगों का भी छोटा मोटा व्यवसाय चलता रहता था । कुछ वर्षों तक तो यह घाट पर्यटकों का केंद्र बिंदु बना रहा मगर वर्तमान में उचित देखभाल, रखरखाव ना होने के कारण यह खंडहर बनता जा रहा है। वर्तमान में उचित सुविधा के अभाव में अब यहां कोई भी पर्यटक नहीं आता है ।तालाब से लेकर स्नानागार और रास्ते के पत्थर जगह जगह से उखड़ गए हैं यहां तक की लोहे की पाइपें और टीन की छतें भी गायब हो गई है यानी कि यह स्थान पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार हो गया है ।
केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकारें भी पर्यटन को विकसित करने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाओं पर कार्य कर रही है जिससे कि पर्यटन को आय का साधन बनाया जा सके और बे-
रोजगार  स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके।
विगत वर्ष  जिला प्रशासन ने ऐसे ही पर्यटन स्थलों का सर्वेक्षण किया था जिसमें जिला कांगड़ा के जिलाधीश राकेश प्रजापति ने भी इसी स्थल का दौरा स्थानीय लोगों के साथ किया था। जिलाधीश महोदय ने भी इस स्थान  को पर्यटन की दृष्टि से उचित माना था और आश्वस्त किया था की वह इस विषय में प्रदेश सरकार से बात चलाएंगे ।
ऐतिहासिक प्राचीन नगरकोट दुर्ग भी इसी घाट के समीप स्थित है यहां पर भी प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक घूमने आते है।
इन सभी के दृष्टिगत अगर इस बृजेश्वरी घाट का फिर से जीर्णोद्धार हो जाए तो यहां की कायापलट हो जाएगी ।
स्थानीय नागरिक सुमन चौधरी, अरविंद मिश्रा, रविंदर चांग, अश्वनी तिवारी, श्रीमती पुष्पा चौधरी, पार्षद आदि गणमान्य व्यक्तियों ने भी सरकार से इस स्थान को शीघ्र विकसित करने के लिए गुहार लगाई है। शिकायत निवारण कमेटी के सदस्य
सतीश चौधरी यह सुझाव दिया है की अगर एशियन डेवलपमेंट बैंक अपना सहयोग इसके निर्माण कार्य में दे तो यहां अति सुंदर पर्यटन स्थल बनाया सकता है

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