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क्या भारत में रह रही स्वर्ण जातियां आजाद हैं

समान देश! सम्मान संविधान !समान शिक्षा! समान रोजगार! स्वर्ण आयोग गठन हमारी मांग

 

हिमाचल प्रदेश के सामान्य वर्ग की माताओं ,बहनों ,भाइयों ,बुजुर्गों व हम उम्र दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि पिछले काफी समय से हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्ग संयुक्त मंच व देव भूमि क्षत्रिय संगठन हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदेश की 70 से 75 प्रतिशत स्वर्ण आबादी के विरूद्ध में अनुसूचित जाति आयोग, पिछड़ा आयोग, अल्पसंख्यक आयोग ,महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग के आधार पर स्वर्ण आयोग गठन की मुहिम चलाई गई है! जिसमें सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश के साथ देवभूमि क्षत्रिय संगठन अहम भूमिका निभा रह रहे हैं व हिमाचल प्रदेश द्वारा 11 जनवरी 2021 शिमला राजधानी में प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर  से अपील की थी,

लेखक:  आर.पी.जोशी

हिमाचल प्रदेश में रहने वाली 70 प्रतिशत  स्वर्ण आबादी के पक्ष में स्वर्ण आयोग का गठन किया जाना चाहिए!
पिछले बहुत लंबे समय से हमारा *स्वर्ण समाज जातिगत आरक्षण, एट्रोसिटी एससी- एसटी एक्ट ,अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि (स्वर्ण की बेटी लाओ ढाई लाख रूपए इनामी पाओ), नौकरी में समानता, शिक्षा में समानता, पदोन्नति में समानता व अन्य समस्त सरकार द्वारा चलाई गई जनहित योजनाओं में समानता के लिए लड़ाई लड़ते आ रहे हैं! लेकिन आज तक हिमाचल प्रदेश की 95 प्रतिशत  स्वर्ण नेतृत्व द्वारा सर्व समाज के पक्ष में कभी भी आवाज बुलंद नहीं की गई !जिसकी वजह से हमारा समाज आज अंधकारमय जीवन की ओर खिसकता जा रहा है!

इन सभी स्वर्ण विरोधी बातों को ध्यान में रखते हुए हमने प्रदेश सरकार को 90 दिन के भीतर स्वर्णा आयोग गठन बनाने बारे अपील की है! जिसमें अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी उचित निर्णय या चर्चा नहीं की गई है! इस दौरान मध्य प्रदेश की सरकार ने वहां पर रह रही 22 प्रतिशत  स्वर्ण आबादी के पक्ष में स्वर्ण आयोग गठन का ऐलान कर दिया इसके बावजूद भी हमारे प्रदेश की सरकार को अपना वोट बैंक खिसकने का डर सताया हुआ है! अगर आप सच्चाई देखें ,तो आज चाहे भाजपा हो या कांग्रेस हो! दोनों ही राजनीतिक दल हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण विरोधी दल बन कर उभरे है! देश की सरकार ने स्वर्णो को झुनझुना पकड़ आते हुए 10 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान किया लेकिन वह भी बीपीएल परिवारों को सुविधाएं देने के लिए मर्ज कर दिया! लेकिन आज इस प्रदेश में हमारी 70 प्रतिशत स्वर्ण आबादी को अपने हित के लिए स्वर्ण आयोग गठन की आवश्यकता है

! हम ने प्रदेश सरकार से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर आप 90 दिनों के भीतर स्वर्ण आयोग गठन की घोषणा नहीं करेंगे , तो 20 अप्रैल 2021 को हिमाचल प्रदेश में रहने वाली समस्त स्वर्ण आबादी शिमला पहुंचकर आपके सचिवालय सहित राजधानी को बंद कर देंगे
इसी बीच 12 मार्च 2021 को प्रदेश स्तर पर प्रत्येक जिला में 1 दिन का सांकेतिक भूख हड़ताल कर जिला उपायुक्त के माध्यम से हम प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे उसके पश्चात भी अगर प्रदेश सरकार कोई उचित निर्णय नहीं लेती है, तो मैं आप सभी से आग्रह करता हूं किस आप स्वर्ण समाज अपनी 70 प्रतिशत  स्वर्ण आबादी की ताकत को पहचाने, अपनी आने वाली युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए लड़ाई लड़े व इन समस्त राजनीतिक स्वर्ण विरोधी दलों को अपनी ताकत दिखाएं !

स्वर्ण आयोग गठन हमारी प्रमुख मांग है! *20 अप्रैल 2021 को शिमला चलो के आह्वान पर हम हजारों की संख्या में शिमला सचिवालय के बाहर एकत्रित होंगे, व सरकार को मजबूर कर देंगे, कि मुख्यमंत्री उसी दिन हिमाचल प्रदेश की 70 प्रतिशत स्वर्ण आबादी के पक्ष में स्वर्ण आयोग गठन की घोषणा करें!
हमें आप सभी स्वर्ण समाज से संबंधित *सरकारी कर्मचारियों, बुजुर्गों, माताओं- बहनों व युवा साथिय से समर्थन चाहिए!
हमारा अभी मात्र एक ही मुद्दा है वह है स्वर्णा आयोग गठन

अंत में आपसे विनम्र निवेदन है घर- घर का मुद्दा जन -जन का मुद्दा बना दीजिए! हर घर से हर स्वर्ण की आवाज स्वर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर उठानी चाहिए! हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि किसी भी स्थिति में हम अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे !बल्कि दो कदम आगे बढ़कर अपने स्वर्ण समाज के हित में स्वर्णा आयोग गठन की लड़ाई लड़ेंगे!

(सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
मेरी कोशिश है यह सूरत बदलनी चाहिए,
मेरे सीने में ना सही तुम्हारे सीने में ही सही,
* स्वर्ण आयोग गठन* की आग
कहीं भी हो ,मगर यह आग जलनी चाहिए। )

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