नालागढ़

होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों की स्वास्थ्य मापदण्डों के अनुसार नियमित निगरानी की जाएः मुख्यमंत्री

(नालागढ़)ऋषभ शर्मा

राज्य में होम आईसोलेशन तंत्र को सुदृढ़ करने के अलावा कोविड-19 मरीजों का पता लगाने के लिए परीक्षण संख्या बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात शनिवार को सोलन जिला के नालागढ़ में सिरमौर जिला की कोविड-19 की वर्चुुअली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक कोविड-19 मरीज होम आईसोलेशन में हैं। इसलिए होम आईसोलेशन तंत्र को सुदृढ़ करने पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार चिकित्सकों को भी होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों का उचित उपचार और नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन के अन्तर्गत घरों में रहने वाले मरीजों की स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य मापदण्ड के अनुसार नियमित निगरानी करनी चाहिए।

पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी होम आईसोलेशन के अन्तर्गत रहने वाले मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि काला अम्ब और पांवटा साहिब क्षेत्रों के उद्योगपत्तियों को उनकी इकाइयों में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पाॅजीटिव मरीजों के सम्पर्कों का पता लगाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में कोविड-19 मरीजों का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले में आॅक्सीजनयुक्त बिस्तरों की क्षमता को भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए नो मास्क, नो सर्विस नीति का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन को विवाह समारोह जैसे सामाजिक कार्यों के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को मामलों के बढ़ने की स्थिति में आवश्यक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को फेस मास्क और हैड सेनेटाईजर का प्रयोग करने और सार्वजनिक स्थानों में भीड़-भाड़ से बचने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मन्दिरों और अन्य धार्मिक स्थानों पर भी श्रद्धालुओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का प्रभावी कार्यान्यवन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
जय राम ठाकुर ने कहा कि अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 मरीजों की स्वास्थ्य मापदण्डों के अनुसार जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों को भी नियमित रूप से जाॅंच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को उनकी बीमारी और दवा के बारे में उचित परामर्श दिया जाना चाहिए। पुलिस को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोग सामाजिक दूरी और मास्क का प्रयोग करें।
स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि टीकाकरण की गति को बढ़ाना होगा क्योंकि यही इस वायरस से स्वयं को बचाने का एक प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि जिला के सभी अस्पतालों में पर्याप्त डाॅक्टर, पैरा मैडिकल स्टाॅफ और उपकरण उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दवाइयों और अन्य उपकरणों का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी निजी अस्पतालों को आवश्यकता पड़ने पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सेवाएं देने के लिए तैयार रहने को कहा जाना चाहिए।
उपायुक्त सिरमौर डाॅ. आर.के. परूथी ने नाहन से वर्चुअली बैठक में भाग लेते हुए कहा कि जिले में कोविड-19 मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कुल 598 सक्रिय मामलों में से लगभग 500 मामले औद्योगिक क्षेत्र काला अम्ब और पांवटा साहिब सेे हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से लगभग 580 मरीज होम आईसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मामलों की संख्या बढ़ना चिन्ता का एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में लोगों को जागरूक व शिक्षित करने के लिए जिला में प्रभावी आईईसी अभियान शुरू किया गया है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल, सांसद व राज्य भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी, जल प्रबन्धन बोर्ड के अध्यक्ष दर्शन सिंह सैनी, पूर्व विधायक के.एल. ठाकुर, उपायुक्त सोलन के.सी. चमन सहित अन्य उपस्थित थे।

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