काँगड़ा

राम नवमी पर हवन कर कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना

 

(कांगडा)मनोज कुमार

राम नवमी के उपलक्ष्य पर त्रिगर्त दिव्य योग आश्रम पुराना कांगड़ा में महामृत्युंजय मंत्र की 108 आहुतियों द्वारा कोरोना रोगाणु से सबकी रक्षा की प्रार्थना की गई ।
इस अवसर पर योग गुरु रणजीत सिंह से सबसे आहवान किया कि कोरोना काल में अपने घर में रहकर योग व हवन अवश्य करें। यदि आनलाइन आप हवन करना चाहते हैं तो हम निशुल्क करवायेंगे और सूक्ष्म हवन करने की सारी विधी भी सिखाएंगे।

 

क्या कहते हैं हवन के विषय में योगी रणजीत सिंह

हिंदू धर्म ग्रंथों में यज्ञ और हवन की अग्नि को ईश्वर का मुख माना गया है। इसमें जो कुछ आहुति यानी कि खिलाया जाता है, वास्तव में ब्रह्मभोज है। धर्म ग्रंथों में मनोकामना पूरा करने के लिए या बुरी घटना टालने के लिए यज्ञ और हवन किया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी हवन और यज्ञ इंसान और प्रकृति दोनों के लिए काफी फायदेमंद हैं। आइए जानते हैं हवन और यज्ञ का

वैज्ञानिक लाभ क्या हैं….

धुएं से वातावरण होता है शुद्ध व स्वास्थ्य बनता है उत्तम
योगी रणजीत सिंह ने बताया कि इस हवन सामग्री में आंवला, हरड़, बेड़ा, बसूंटी, कड़ी पत्ता, गांदला, वरेया, बिल्ब, एलोवेरा, गिलोय जैसी अनेकों औषधीयां डाली गई हैं, जिससे हमारा रक्तचाप सामान्य रहता है! हमारे ग्रन्थियों के हार्मोन संतुलित रहते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होतीहै

मनुष्य को दी जाने वाली दवाओं की तुलना में यज्ञ और हवन के धुआं काफी लाभकारक है। इसके घुएं से शरीर में पनप रहे रोग खत्म हो जाते हैं। जबकि दवाओं का कुछ न कुछ दुष्प्रभाव जरूर होता है।

क्या है यज्ञ और हवन में अंतर
हवन, यज्ञ का छोटा रूप है। किसी भी पूजा व जाप आदि के बाद अग्नि में दी जाने वाली आहुति की प्रक्रिया हवन के रूप में प्रचलित है। आप इसे अपने परिवार के साथ कर सकते हैं।
यज्ञ एक अनुष्ठान होता है और वह किसी खास उद्देश्य से ही किया जाता है। इसमें देवता, आहुति, वेद मंत्र, ऋत्विक और दक्षिणा अनिवार्य होता है। हवन हिंदू धर्म में शुद्धीकरण का एक कर्मकांड है।

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