काँगड़ापालमपुर

कर्मियों की एनपीएस कटौती जल्द बन्द हो क्योंकि जो कटौती कर्मचारियों के हित में नही तो देश हित मे कैसे होगी : संघर्ष मोर्चा

पेंशन बहाली के लिए एनपीएस कर्मी ,विधायकों व मंत्रियों के घर जल्द देंगे दस्तक - प्रवीण कुमार

जल्द ही कर्मचारी संघर्ष मोर्चा दस्तक देकर पूछेगा कि आखिर क्यों कर्मियों का ही पेंशन हक छीना ?

(पालमपुर))ब्यूरो

सरकार से विनम्र निवेदन है कि एनपीएस कटौती को बंद किया जाए क्योंकि जिस कटौती के कारण कर्मचारी सुखी नही है तो फिर देश सुखी कैसे होगा । हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा फाउंडर मेंबर डॉक्टर अरुण दत्त , प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण कुमार , महासचिव अरुण कानूनगो , वरिष्ठ सलाहकार भारत भूषण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव मलगोत्रा , राज्य प्रधान महिला विंग रीता डोगरा , शेलेन्द्र सूद , दिनेश पठानिया , जिला सिरमौर अध्यक्ष दीप ठाकुर व अन्य ने कहा कि उस कटौती का क्या फायदा जो समय के अनुसार किसी कर्मी के काम न आए। इससे तो अच्छा है कि एनपीएस के तहत कटौती की ही न जाए ।

राज्य अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि जिस देश में  कर्मी एनपीएस कटौती से खफा है तो ऐसी स्कीमें चला कर देश का भला कैसे हो सकता है । जब वर्षो अपनी सेवाएं देने वाले कर्मी ही एनपीएस स्कीम के तहत विकसित नही हो पाए तो फिर ऐसे में किस विकसित देश की कल्पना की जाए ।

एनपीएस प्रथा के कारण कर्मियों की ग्रेच्यूटी की सुविधा खत्म कर दी गई । पुरानी पेंशन की सुविधा खत्म कर दी गई । परन्तु फिर भी यह स्कीम हमारे जनप्रतिनिधियों को इतनी भा गई है कि उन्हें कर्मियों की आह का आभास भी नही होता है । एनपीएस के कारण जहां देश मे एक सामाजिक असुरक्षा का जन्म हुआ है वहीं दूसरी तरफ रिटायर कर्मियों को भविष्य एक ऐसी प्राइवेट कंपनी के पास चला गया है जो खुद तो फल फूल रही है परन्तु रिटायर  कर्मचारियों को दर दर की ठोकरें खिलवा रही है ।

प्रवीण कुमार , हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा

 

सरकार से विनम्र निवेदन है कि एनपीएस कर्मियों के दर्द को समझे व उन्हें सामाजिक दृष्टि में एक समानता जैसा अधिकार प्रदान करें । क्योंकि कार्मिक एनपीएस प्रथा को नकार चुके हैं और देश विकसित होते है जब सभी अपना योगदान दें । पैरा मिल्ट्री सेना और कर्मचारी भी विकास कार्य में अपना योगदान कर रहे हैं । तो फिर इनका भविष्य क्यों धूमिल हुआ है । कृपया एनपीएस कर्मियों का रिटायर बुढ़ापा सुरक्षित बनाएं 

 

प्रवीण कुमार ने कहा कि हर कर्मी का देश के विकास में एक अहम रोल होता है । चाहे वह अध्यापक हो , डॉक्टर हो , इंजीनियर हो , पेरामिल्ट्री का जवान हो या अन्य कर्मी हो के बिना देश नही चल सकता । आज जितने भी बड़े बड़े राजनीतिक नेता बने है एक शिक्षक की देन है । आज लोग स्वस्थ है एक डॉक्टर की देन है , आज बड़ी बड़ी इमारतें , बड़े बड़े एयरपोर्ट , राष्ट्रीय मार्ग , बड़े बड़े बांध बने है एक इंजीनियर की देन है । देश की सीमाएं सुरक्षित हैं तो यह सेना की देन है ,पेरामिल्ट्री जबानों की देन है । तो फिर इनके भविष्य के साथ खिलबाड़ क्यों किया गया और अभी तक भी सुध क्यों नही ली गई । क्यों इस देश के जिम्मेदार तबके का भविष्य एक ऐसी कम्पनी के हवाले किया गया जिसका देश के विकास में कोई योगदान नही है । कर्मचारी देश के लिए काम करते है और बहुत बार अपनी जान भी गवां बैठते हैं । तो फिर कल्याणकारी सरकारें बुढ़ापे में बिना पेंशन के इन्हें दर दर की ठोकरें कैसे खिला सकती हैं । ऐसे में वर्तमान सरकार से विनम्र निवेदन है कि एनपीएस कटौती को तुरंत प्रभाव से बन्द किया जाए और ऐसी योजनाएं बनाई जाए जो कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षित करें और ऐसे में पुरानी पेंशन व्यवस्था ही बेहतर है ।जल्द ही हिमाचल प्रदेश संघर्ष मोर्चा पेंशन बहाली सयुंक्त मोर्चा के बैनर तले अपने हक के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू करेगा और हर विधायक व मंत्री के घर मे जाकर पूछेगा की एनपीएस स्कीम कर्मचारियों पर ही लागू क्यों की गई ।

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