नियमों के तहत ही काम कर रहें हैं लाइसेंस होल्डर : स्क्रेप बाइंडर

 स्क्रेप बाइंडरों का आरोप शरारती तत्व कर रहें हैं बदनाम, विभाग को भी किया जा रहा है गुमराह

(बद्दी)राकेश ठाकुर

औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत बद्दी में लाइसेंस होल्डर स्क्रेप बाइंडरों पर उठे सवालों के बाद हिमाचल क्लीन सेव एंड इन्वायरमेंट सोसाइटी के मेंबर स्क्रेप बाइंडरों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्क्रेप बाइंडरों का कहना है के एक मजदूर नेता की शह कुछ बाहरी तत्व उद्योगों, स्क्रेप बाइंडरों और विभाग को बदनाम व गुमराह करने की साज़िश रच रहे हैं लेकिन उनके मनसूबे कामयाब नहीं होंगे।

जब इस पूरे मामले की पड़ताल की तो पता चला के शिवालिक सोल्ड वेस्ट मैनेजमेंट अपना काम कर रही है और प्रदूषण विभाग द्वारा बनाये गए लाइसेंस होल्डर बाइंडर नियमों के तहत अपना काम कर रहे हैं। स्क्रेप बाइंडरों राज कुमार, कृष्ण चौधरी, गुरनाम, संजीव, अनिल चौधरी, सुनील ठाकुर, रमन कुमार, हरवीर, नारात राम, राज कुमार, राजा, संजू, मोहम्मद आयूब खान व बशीर खान का कहना है के उनके ड्रम वाशिंग प्लांट प्रदूषण नियमों के तहत चल रहे हैं।

ड्रमों को सही तरीके से धोया जाता है और जो पानी निकलता है उसे सीईटीपी को दिया जाता है और जो स्लज निकलता है उसे शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को दिया जाता है। बकायदा फॉर्म 10 उद्योगों को भी दिया जाता और प्रदूषण विभाग को भी जमा करवाया जाता है। बाइंडरों द्वारा सभी नियमों की पालना की जाती है।

इस पड़ताल में ये भी सामने आया है के शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट उद्योंगों से निकलने वाले केमिकल ड्रमों के कम पैसे देते हैं जबकि स्क्रैप बाइंडर उद्योंगों से ज्यादा पैसों में ड्रम उठाते हैं। यानी के जो ड्रम स्क्रेप बाइंडर 400 से 600 रुपये में लेते हैं शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट उसी ड्रमों को 200 से 400 रुपये में खरीदता है जिसके चलते उद्योग लाइसेंस होल्डर बाइंडरों को ड्रम देना मुनासिब समझते हैं क्योंकि उन्हें ज्यादा पैसे मिलते हैं।

इस पूरे मामले में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एक्सईन प्रवीण गुप्ता का कहना है विभाग समय समय पर लाइसेंसी स्क्रेप बाइंडरों के प्लांटों की जांच करता है और अगर कहीं कमी पाई जाती है तो करवाई अमल में लाई जाती है। उधर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के

सीईओ अशोक शर्मा का कहना है के उन्हें लाइसेंसी स्क्रेप बाइंडरों से कोई दिक्कत नहीं है वो नियमों के तहत अपना काम कर रहे हैं और हम अपना। हम कभी भी मोनोपली नहीं चाहते बाकी लोगों को भी रोजगार और काम करने का पूरा हक है। वहीं इस पूरे मामले में सामने आया है के कुछ शरातती तत्व लाइसेंस होल्ड स्क्रेप बाइंडरों को जहां बदनाम कर रहे हैं वहीं विभाग को भी गुमराह करने और बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

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