हिमाचल में फूल की खेती करने वाले किसान-बागवानों की सुध ले सरकार और नुकसान का मुआवजा दें : रमेश रॉव

( बैजनाथ)विजय कुमार

कांग्रेस प्रदेश सचिव रमेश रॉव ने कहा की करोडो का व्यवसाय फूलों की खेती का हिमाचल में होता है, इस पर ही उन परिवारों की आर्थिकी टिकी है। देश और दुनिया में फूलों की मांग को पूरा करने के लिए प्रदेश भर के बागवान फूलों की खेती से जुड़े हैं। इस बार और पिछले साल भी कोरोना के चलते उनका कारोबार प्रभावित हो गया है। कोरोना के चलते देश भर में शादी समारोहों के साथ देश के सभी मंदिरों के कपाट बंद हैं। इससे फूलों की मांग घट गई है। रमेश रॉव ने बताया की हमारे प्रदेश भर के फूल बागवानों को,फूलों की खेती को उखाड़कर फेंकना पड़ा है, जिससे भारी अर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
रॉव ने कहा की प्रदेश में अग्रणी स्थान पर रहने वाले फूल उत्पादकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। फूलों की खेती करने वाले परिवारों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।एक रिकॉर्ड के अनुसार सिर्फ बिलासपुर जिले में अभी तक 3.500 करोड़ का नुकसान आंका गया है।

 


हालांकि, संबंधित विभाग की जिम्मेदारी भी बनती थी, हर क्षेत्र के फूल उत्पादकों की सुध लेकर, सरकार के सामने रखते, करोडो का व्यवसाय फूलों की खेती का हिमाचल में होता है इस बार कोरोना के चलते उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पर अभी तक प्रदेश सरकार ने इसकी कोई सुध नहीं ली, न किसी किसान-बागबान के परिवार को कोई मुआवजा दिया गया, मेरी सरकार से मांग है कि जल्द सरकार और बागबानी विभाग पूरे प्रदेश के फूल उत्पादकों, बागबानों, और छोटे किसान भाइयों का जायजा लेकर उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिया जाए । ताकि प्रभावित परिवार अपना घर तो चलाये इस संकट के समय में,

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