मंडी

धर्मपुर में किसान सभा ने उठायी मक्की बिक्री केंद्र खोलने की मांग

खैर की लकड़ी व फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी हो निर्धारित

(सरकाघाट)रितेश चौहान

 

हिमाचल किसान सभा खण्ड कमेटी धर्मपुर ने यहां पैदा होने वाली फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और ख़रीद केंद्र तथा मार्केटिंग की दुविधाएं प्रदान करने की सरकार से मांग की है। सभा के खंड अध्यक्ष रणताज़ राणा सचिव रामचन्द ठाकुर, दूनी चन्द, सुखराम, सोहन सिंह, बालम राम, बाला राम, मोहनलाल, मिलाप चंदेल, रूप चन्द, टेक सिंह, श्याम सिंह, प्रकाश सकलानी, कशमीर सिंह, बलदेव ठाकुर, देवानन्द, मेहर सिंह, कमर सिंह, देवराज, पृथी सिंह व सूरत सकलानी इत्यादि ने बताया कि धर्मपुर खण्ड में वर्तमान में कोई भी फ़सल क्रय विक्रय केंद्र सरकार ने नहीँ खोला है। जिसकारण जो भी पैदावार यहां होती है उसके पूरे दाम किसानों को नहीं मिलते हैं।

यहाँ पर मक्की, आम, कीनू, गलगल, कचालू, अदरक, हल्दी इत्यादि फसलें यहां पर ज़रूरत से ज़्यादा पैदा होती हैं लेक़िन उन्हें बिक्री करने के लिए कोई मार्केट सुविधा उपलब्ध नहीं है और इस कारण किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम नहीँ मिल पाता है।इस बारे पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर की डेढ़ दर्ज़न पंचायतों में टनों के हिसाब से आम पैदा होता है लेकिन बिक्री केंद्र न होने से वह हरसाल ऐसे ही सड़ता है।हालांकि वर्तमान सरकार में बागवानी मन्त्री भी यहीं से हैं लेकिन तीन साल में इस दिशा में कोई प्रगति नहीँ हुई है।इसी प्रकार मक्की की फ़सल को बेचने का कोई प्रबन्ध नहीँ है और हर साल बाहरी राज्यों के व्यापारी यहाँ से अपनी मनमर्ज़ी के रेट पर किसानों से मक्की की खरीदारी करते हैं।इसके अलावा धर्मपुर खण्ड की एक दर्ज़न पंचायतों में खैर के पेड़ किसान उगाते हैं और दस बारह साल बाद जब वो तैयार होता है तो उन्हें भी व्यापारी मनमर्ज़ी के दाम पर ख़रीद करते हैं।

भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष कहीं पर तो 17 सौ रु फुट तो कहीं पर 38 सौ रुपये फुट खैर की खरीदारी की जा रही है। लेकिन मूल्य निर्धारण करने में सरकार व विभागों के कोई नियम नहीं है।इसलिये ये बहुत ज़रूरी है कि सरकार को हर फ़सल का मिनिमम स्पोर्ट मूल्य निर्धारित करना चाहिए। जिसकी मांग देश भर के किसान पिछले सौ दिनों से दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के माध्यम से कर रहे हैं और ये मांग अलग अलग राज्यों व जिलों के लिए महत्वपूर्ण है।जिसके तहत उस क्षेत्र में पैदा होने वाली हर प्रकार की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की ज़रूरत है और उसके लिए क़ानून भी बनना चाहिए।

 

भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर खण्ड में पैदा होने वाली मक्की व अन्य फ़सलों के बिक्री केंद्र खोलें जाएं और सभी प्रकार की पैदावार का नयूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाये।हिमाचल किसान सभा इन मांगों को सरकार के समक्ष रखने व देश भर में चल रहे किसानों के आंदोलन के समर्थन में अगामी 15 मार्च को एस डी एम धर्मपुर के माध्यम से माँगपत्र भेजेगी।

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