मंडी

धर्मपुर में किसानों की मांगों के लिए किसान सभा ने किया प्रदर्शन

सूखा राहत, फ़सल ख़रीद केंद्र, समर्थन मूल्य निर्धारित करने औऱ सिंचाई व्यवस्था की उठाई मांग

 

(सरकाघाट)रितेश चौहान

हिमाचल किसान सभा धर्मपुर खण्ड कमेटी द्धारा किसानों की मांगों को लेकर एस डी एम कार्यालय धर्मपुर के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया।उसके बाद एस डी एम के माध्यम से मुख्यमंत्री को माँगपत्र सौंपा गया।प्रर्दशन का नेतृत्व किसान सभा के अध्यक्ष रणताज़ राणा व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने किया।इस मौके पर रणतांज राणा ने कहा कि दिल्ली में किसान कृषि बिलों कर के विरोध में 108 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं और हम धर्मपुर किसान सभा की ओर से उन्हें पूरा समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा कि धर्मपुर खण्ड में पैदा होने वाली फ़सलों की बिक्री के लिए कोई केंद्र सरकार ने अभी तक नहीं खोले है और न ही फ़सलों का न्यून्तम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है जिसके कारण यहाँ किसानों को मक्की, आम, किन्नू, हल्दी,अदरक इत्यादि का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर विकास खण्ड में आम और मक्की की फ़सल काफ़ी मात्रा में होती है लेकिन इसकी ख़रीद के लिए सरकार ने कोई व्यवस्था नहीँ की है और जो थोड़े बहुत आम गत वर्ष बागवानों ने एच पी एम सी सुंदरनगर के माध्य्म से बेचे थे उनकी अदायगी किसानों को आज तक नहीं हुई है।

दूसरी तरफ मक्की की खरीद किसानों से करने की कोई व्यवस्था नहीँ की गई है और व्यापारी मनमर्ज़ी के दाम पर किसानों से मक्की की ख़रीद करते हैं।इसलिये सरकार को धर्मपुर में मक्की और आम क्रय विक्रय केंद्र खोलने चाहिये।इसके अलावा सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।इसके अलावा खैर के पेड़ों की ख़रीद करने के लिए भी न्यून्तम समर्थन मूल्य तय करने की ज़रूरत है ताकि किसानों को उनका सही और उचित मूल्य मिल सके।इसके अलावा धर्मपुर में दो दर्ज़न सिंचाई योजनायें अभी तक बनाई गई है लेकिन इनसे किसानों के खेतों के लिए कहीं भी पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।अगर इन स्कीमों से पानी खेतों को पानी देना शुरू हो गया होता तो गेहूँ की फ़सल को सूखे से थोड़ी बहुत राहत मिल सकती थी। लेकिन अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी खेतों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।धर्मपुर में कृषि विभाग के खंड स्तरीय अधिकारी और क्षेत्रीय प्रसार अधिकारियों के आधा दर्जन पद ख़ाली पड़े हैं जिन्हें भरा नहीँ जा रहा है।

भूपेंद्र सिंह ने इसके लिए स्थानीय विधायक व मन्त्री को जिम्मेदार ठहराया है और मांग की है कि वर्तमान गेहूं की फ़सल जो सूखे से नष्ट होने के कगार पर है इसलिए सिंचाई योजनाये जल्दी बहाल की जायें और कर्मचारिओं के खाली पद भी भरे जायें।इसलिये सरकार को सूखे से किसानों को हुये नुकसान का सर्वेक्षण करवाना चाहिए और नुक़सान का मुआवजा किसानों को देना चाहिए।इसके अलावा किसान विरोधी तीनों कृषि बिल रद्द करने,पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की कीमतें कम करने, बढ़ती मॅहगाई पर रोक लगाने, डिपुओं में मिलने वाले राशन की मात्रा बढ़ाने तथा कीमतें कम करने, मनरेगा के काम शुरू करने, अवैध खनन पर रोक लगाने की भी मांग सरकार से की गई।आज के प्रदर्शन में सूरत सिंह सकलानी, रणबीर शास्त्री,अशोक पठानिया, मिलाप चंदेल, मोहनलाल, श्याम सिंह,सुरेश वर्मा, ज्ञान चन्द शर्मा, कशमीर सिंह, देवानन्द, सन्तोष कुमार,मिलाप सिंह, बाला राम, प्रकाश वर्मा,दीपक प्रेमी, करतार सिंह चौहान,विजय कुमार, रोशन लाल,अशोक पठानिया, भाग सिंह लखरवाल, लूद्दर सिंह, प्रकाश सकलानी, कशमीर चंदेल,मेहर सिंह, सुखराम ठाकुर, रोशन लाल, रूपचंद,कशमीर ठाकुर, कशमीर रोसो, विकास कुमार, मॉन सिंह, दिनेश काकू, सुरेश शर्मा,सुंदर सिंह, प्रताप सिंह, बिधि सिंह, कुमर सिंह, शम्भू राम, इत्यादि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!