शिमला

नौकरियां, नीति और…नजराने, हिमाचल के करमुक्त बजट में सभी वर्गों का ख्याल

(शिमला)सुनीता भारद्वाज

जयराम सरकार ने रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के मद्देनजर हर तबके का ध्यान रखते हुए विकट परिस्थितियों में बेहतरीन बजट पेश किया है। दिहाड़ीदारों व सभी छोटे कर्मचारियों के लिए उदारता दिखाते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 50 हजार 192 करोड़ का बजट पेश किया है। किसानों को केंद्रित करते हुए इस बजट में कृषि-सिंचाई पर फोकस किया गया है और हैल्थ सेक्टर में भी भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। कोरोना के प्रचंड प्रभाव के बावजूद राज्य सरकार ने आम बजट में सभी वर्गों को खुश करने का पूरा प्रयास किया है।

पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था के बावजूद मुख्यमंत्री जयराम ने जनता पर कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया है। लिहाजा करमुक्त इस बजट में  रिसोर्स मोबिलाइजेशन पर संशय जरूर पैदा हो रहा है। कर्ज की बैसाखियों से विकास के पथ पर दौड़ रहे इस प्रदेश के लिए पैसा कहां से आएगा, इसका बजट में स्पेशल उल्लेख नहीं है। राज्य के लिए हाईड्रो, माईनिंग और खैर तीन बड़े आय के स्त्रोत है।

कानूनी पचड़ों के चलते इन तीनों की गति रूक चुकी है। लिहाजा आमदन अठन्नी खर्चा रुपया वाली स्थिति में इस बजट को धरातल पर उतारना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। खासकर वर्ष जून, 2022 के बाद जीएसटी में केंद्र भी घाटे की भरपाई करना बंद कर देगा। इसके बाद स्थिति और चुनौतिपूर्ण होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपने इस जनभावनाओं वाले बजट को अमलीजामा पहनाना आसान नहीं होगा। बहरहाल निवेश और इन्वेस्टर मीट की गति को इस बजट में फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का यह चौथा बजट आगामी विधानसभा चुनावों की पटकथा की कहानी साफ इंगित कर रहा है। बजट की सबसे बड़ी खूबी युवाओं और महिलाओं को आकर्षित कर रही है। पहली बार सरकार ने अपने बजट में सरकारी विभागों में 30 हजार नौकरियों का प्रावधान किया है। इसमें शिक्षा विभाग चार हजार शिक्षक व 8 हजार मल्टीपर्पज टास्क  वर्कर्ज की भर्ती का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जल शक्ति विभाग में चार हजार पैराफिटर-पंप ऑपरेटर और पांच हजार पीडब्ल्यूडी में मल्टीपर्पज टास्क वर्करज की भर्ती का प्रावधान युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद दिखा रहा है।  निजी क्षेत्र में हजारों भर्तियों का इस बजट में जिक्र किया गया है। इसके तहत केंद्रीय सहायता से 10 हजार युवाओं को इंडस्ट्रियल सेक्टर में रोजगार दिया जाएगा।
बजट में बल्क ड्रग पार्क और डिवाईस पार्क की उम्मीद जताई गई है। इससे भी हजारों युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी और इन्वेस्टर मीट का जिक्र करते हुए बजट में बेरोजगारों को आकर्षित किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने इस बजट में सोशल सेक्टर का दिल जीतने का पूरा प्रयास किया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा से लेकर सामाजिक क्षेत्रों का पूरा ख्याल रखा गया है। पहली बार 65 साल से अधिक आयु की महिलाओं को पेंशन का प्रावधान किया गया है। एससी-एसटी और ओबीसी के बीपीएल परिवारों के लिए शगुन योजना आरंभ कर 31 हजार रुपए की राशि देने का बजट में जिक्र किया गया है। बीपीएल परिवारों की दो लड़कियों पर अब 21 हजार रुपए की एफडी की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में भी वृद्धि की गई है। इस बजट में आंगनबाड़ी वर्कर्ज, हैल्पर्स, आशा वर्करज, पंचायत चौकीदार, लंबरदार और दिहाड़ीदारों सभी वर्गों का बजट में पूरा-पूरा ख्याल रखा गया है। कोरोना के प्रभाव को निरस्त करने के लिए इस बजट में हेल्थ सेक्टर पर भी फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस बार स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 11.63 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। किसानों को आकर्षित करने के लिए इस बजट में कृषि पर भी जोर दिया गया है। इसके चलते कृषि-सिंचाई योजनाओं पर ज्यादा बजट का प्रावधान इस बजट में  है।
कहां से आएगा पैसा?
राजस्व प्राप्तियां 37 हजार 28 करोड़
कुल राजस्व घाटा : 1 हजार 462 करोड़ अनुमानित
राजकोषीय घाटा : 7 हजार 789 करोड़ अनुमानित
टैक्स प्राप्तियां : 9 हजार 282 करोड़
नॉन टैक्स : 27 हजार 54 करोड़
केंद्रीय शेयर : 55 हजार 24 करोड़
ग्रांट इन एंड  : 19 हजार 468 करोड़
100 रुपए ऐसे खर्च
वेतन       25.31 रुपए
पेंशन      14.11 रुपए
ब्याज अदायगी        10.00 रुपए
ऋण अदायगी         6.64 रुपए
विकास    43.94 रुपए
बजट में ये सब
स्कूल टूर्नामेंटों के प्रतिभागियों की डाइट मनी दोगुनी करना।
400 करोड़ के आठ संस्थान जनता को समर्पित करना
स्वर्ण जयंती डिस्ट्रिक्ट इनोवेशन फंड स्थापित करना
नवगठित पंचायतों में पंचायत घरों का निर्माण और कॉमन सर्विस सेंटर
मंडी हवाई अड्डा के निर्माण और कांगड़ा व कुल्लू एयरपोर्ट के विस्तारीकरण व रखरखाव के लिए 1016 करोड़ का बजट प्रस्तावित
ऊना जिला में ड्रग पार्क, नालागढ़ में मेडिकल डिवाईस पार्क का प्रस्ताव
नालागढ़ में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स और पॉवर इक्युपमेंट हब
2022 तक 40000 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य
सोलन, पालमपुर, मंडी नगर निगमों को एक-एक करोड़ और सात नई नगर पंचायतों को 20-20 लाख रुपए विशेष अनुदान
पर्यटन उद्योग को पटरी पर लाने के लिए मल्टी मीडिया पब्लिसिटी कैंपेन
सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर में शत प्रतिशत पीने के पानी के कनेक्शन
मंडी हवाई अड्डे के निर्माण और कांगड़ा, कुल्लू व शिमला हवाई अड्डों के विस्तारीकरण
पुरानी बसों के स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों सहित 200 नई बसें, एचआरटीसी  के लिए 377 करोड़ रुपए का प्रावधान
टॉप 100 छात्रवृत्ति योजना और 100 स्कूलों में मैथ लैब
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग एवं कैरियर काउंसिलिंग सुविधा
बजट में ये सब
न्यूनतम दिहाड़ी अब 300 रुपए प्रतिदिन अंशकालीन और आउटसोर्स कर्मी की दिहाड़ी भी बढ़ी
एसएमसी शिक्षकों व आउटसोर्स आईटी शिक्षकों का मानदेय 500-500 रुपए प्रति माह बढ़ाया
मिड-डे मील कर्मियों और वाटर कैरियर के मानदेय में करीब 300-300 रुपए प्रति
माह इजाफा, आशा वर्करों को अब 750 रुपए ज्यादा
पंचायत चौकीदारों, सिलाई अध्यापिकाओं, जल गार्ड, पैरा फिटर और पंप ऑपरेटर, राजस्व विभाग में कार्यरत अंशकालीन कर्मियों और नंबरदारों का मानदेय 300-300 रुपए बढ़ेगा
2021-22 में सरकार द्वारा 30000 से अधिक पदों को भरने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग और जलशक्ति विभाग में चार-चार हजार पद विभिन्न श्रेणियों के भरे जाएंगे, जबकि लोक निर्माण विभाग में पांच हजार पद विभिन्न श्रेणियों में भरने का ऐलान
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 4000 पद और मल्टी टास्क वर्कर्ज के 8000 पदों को मंजूरी
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना : 7000 बेरोजगारों को निजी उद्योगों में रोज़गार
स्वर्ण जयंती नारी संबल योजनाः 65-69 वर्ष महिलाओं को एक हजार प्रति माह पेंशन
बीपीएल परिवारों को दो लड़कियों अब 21 हज़ार की एफडी, शादी पर 31 हज़ार
40 हज़ार अतिरिक्त लाभार्थियों को अगले वर्ष सामाजिक सुरक्षा पेंशन में प्रावधान
70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों और अनाथ बच्चों को हिमकेयर में अंशदान से छूट
मिशन दृष्टि : कक्षा छह से दसवीं तक के बच्चों की आंखों की जांच एवं निःशुल्क चश्मा
दूध खरीद मूल्य दो रुपए प्रति लीटर की दर से बढ़ाना
प्राकृतिक खेती-खुशहाल किसान योजना में  50 हज़ार नए किसान परिवार जुडें़गे
कृषि और बागबानी पर रिसर्च को पांच करोड़ रुपए का अनुसंधान कोष स्थापित
बागबानी विकास परियोजना के अंतर्गत पांच लाख पौधों का आयात
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना : 12 हज़ार लाभार्थियों को आवास देने का लक्ष्य
2022 तक अनुसूचित जाति वर्ग के सभी पात्र आवेदकों को घर की सुविधा

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