आईटीआई ट्रेंड पंप आपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने फील्ड स्टाफ को कोरोना वारियर श्रेणी में रखने के सरकार के फैसले का किया स्वागत

(अर्की)कृष्ण रघुवंशी

आई.टी.आई. ट्रेंड पंप ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के राज्य प्रधान शेर सिंह राणा , ऊना से वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलबीर सिंह , सोलन से महासचिव हरचरण सिंह ,बिलासपुर से कोषाध्यक्ष जय लाल , मीडिया प्रभारी हितेन्दर हिमराल द्वारा जारी संयुक्त प्रेस बयान के माध्यम से जल शक्ति विभाग के आवशयक सेवा में कार्यरत फील्ड स्टाफ की श्रेणियों को , कोविड महामारी के संवेदनशील समय में सरकार द्वारा महामारी की संवेदनशीलता और कार्य को देखते हुए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच नीतियों को अपनाते हुए ,फ्रंट लाइन कोरोना वारियर में शामिल करने के फैसले का स्वागत  किया है I उन्होंने कहा कि  हैरत की बात है कि जल शक्ति विभाग की तरफ से सरकार को फ्रंट लाइन कोरोना वारियर की रिपोर्ट जो अग्रेषित की गई वहाँ पंप हाउस में कार्यरत स्टाफ पंप ऑपरेटर ,पंप हेल्पर , फोरमैन ,अनुबंध और आउटसौर्स पर भर्ती पैरा पंप ऑपरेटर ,पंप अटेंडेंट को ही छोड़ दिया गया I विभाग में आधार नींव और महत्वपूर्ण कार्य पर सेवारत होने के बावजूद लिस्ट में नाम न होने पर एसोसिएशन द्वारा कड़ा एतराज जताया है I विभाग में सभी पंप हाउस या तो गहरे सुनसान नालों और मुर्दाघरों के नजदीक निर्मित हैं तो वहीं कुछ जिलों में यह बहुत आबादी वाले इलाकों में भी निर्मित हैं

 

इन सभी श्रेणियों के कार्य की बात करें तो ये ही सभी पेयजल और सिंचाई योजनाओं पर दिन और रात्रि शिफ्ट में कार्यरत हैं I जल शक्ति विभाग में इस समय पंप हाउस में दिन या रात्रि शिफ्ट 24 घंटे , कार्यरत स्टाफ के कार्य के कारण ही विभाग में अगले दिन सभी कर्मचारियों के संयुक्त कार्य की वजह से गाँवों और शहरी इलाकों में जनता और अन्य समस्त कार्यालयों तक पेयजल की आपूर्ति बहाल हो पाती है और सिंचाई योजनाओं में पंप हाउस से सीधा सिंचाई हेतु पानी किसानों को उपलब्ध हो पाता है I पंप हाउस में कार्यरत समस्त स्टाफ विभाग में आधार नींव का कार्य करता है ये कहना गलत नहीं होगा I विभाग के द्वारा पंप ऑपरेटर वर्ग और कार्यरत स्टाफ को दरकिनार करना समझ से परे है, जबकि ड्यूटी के दौरान एक घंटा भी पम्पिंग बंद होती है तो विभाग के हाथ खड़े हो जाते हैं तो वहीं फील्ड में त्राहि-त्राहि हो जाती है , इतने  महत्वपूर्ण कार्य पर सेवारत  कर्मचारियों को विभाग कैसे भूल सकता है ? इस संवेदनशील समय में कार्यालयों के कार्य को 50:50 या फिर 30% के हिसाब से या कुछ दिन बंद रखकर ऑनलाइन वर्क करके चलाया जा सकता हैI लेकिन पानी की व्यवस्था बहाल रखने हेतु आवश्यक सेवा में अपने कार्यस्वरूप कड़ी की वजह से जुड़ी सभी श्रेणियों को कार्य पर उपस्थित रहना ही पड़ेगा I विभाग द्वारा इस बार निश्चित समय अंतराल में जहाँ पंप हाउस को सेनेटाईज नहीं करवाया गया है

यहाँ पंप हाउस में एक जगह कार्य के कारण यदि  एक कर्मचारी भी कोरोना से संक्रमित होता है तो निश्चित ही वहाँ चेन के माध्यम से दिन और रात्रि में  कार्यरत पूरा स्टाफ भी जद में आएगा और विभाग में निश्चित ही कार्य बाधित होगा I हाल ही में कुछ वृतों में पंप ऑपरेटर और पंप हाउस में कार्यरत स्टाफ भी कोरोना की चपेट में आये हैं I विभाग को उच्च स्तरीय लेवल पर  निश्चित ही पंप हाउस में कार्यरत स्टाफ के कार्य की संवेदनशीलता को समझने की आवश्यकता है I फ्रंट लाइन कोरोना वारियर नाम देते समय कार्य की संवेदनशीलता और कार्य आंकलन करने में बड़ी भूल हुई है और जमीनी स्तर को बिना जाने समान नीति पर कार्य नहीं किया गया है I जिसका शिकार पंप हाउस में कार्यरत सभी श्रेणियां हुई हैं I उन्होंने बताया कि एसोसिएशन द्वारा ई-मेल माध्यम से उपरोक्त सन्दर्भ में 29 मई को ज्ञापन अग्रेषित किये हैं और उन्होंने  हिमाचल  प्रदेश के  मुख्यमंत्री, जल शक्ति विभाग मंत्री, सचिव और  विभागाध्यक्ष प्रमुख अभियंता  से मांग की है कि विभाग में हो रही इस प्रकार की अनदेखी के ऊपर संज्ञान लें और विभाग में आवश्यक सेवा में कार्यरत नियमित ,अनुबंध,आउटसोर्स  पर कार्यरत पंप ऑपरेटर ,पंप हेल्पर  ,पैरा पंप ऑपरेटर ,पंप अटेंडेंट सभी श्रेणियों को भी फ्रंट लाइन कोरोना वारियर में शामिल कर प्राथमिकता के आधार पर 18 से 44 वर्ष की आयु वाले कर्मचारियों को वेक्सीन टीकाकरण हेतु समान नीति के अंतर्गत लाएं

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