कोर्ट आदेशों को जल्द लागू करे ,कर्मचारी हितैषी सरकार :संघर्ष मोर्चा

स्वतंत्र हिमाचल

(पालमपुर)ब्यूरो

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी संघर्ष मोर्चा व हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने कोर्ट के आदेशों को  2008 से लेकर 2010 के सभी शिक्षक कैडर के वर्ग पर लागू करने का निवेदन किया है । संघर्ष मोर्चा प्रदेसाध्यक्ष व अध्यापक संघ राज्य प्रबन्धन सदस्य प्रवीण कुमार ने सरकार से निवेदन किया कि सरकार जल्द ही 1500 पीड़ित शिक्षकों को हाई कोर्ट के आदेशो के अनुसार नियुक्ति तिथि से नियमित किया जाए ताकि वर्षो से इस पीड़ित वर्ग को राहत मिल सके ।

गौरतलब है कि 2008 में पुराने आर एन्ड पी रुलज थे जबकि नए आर एन्ड पी रुलज तो 2010 में पत्रित हुए तो फिर 2008 व 2010 से पहले नियुक्तियां अनुबन्ध पर नियुक्तियां कैसे हुई । इसके लिए कुछ कर्मी हाई कोर्ट की शरण मे गए । 2019 में हाई कोर्ट की अंतिम बैंच ने इस याचिका को सही मानते हुए फैसला पीड़ितों के हित मे सुनाया । यह माना गया कि जो नियुक्तियां या भर्ती विज्ञापन नए आर एन्ड पी रुलज राजपत्रित होने से पहले बने वे नियुक्तियां नियमित होनी चाहिए । कहा कि यह कर्मी वर्षों से उनके साथ हुए अन्याय को न्याय में बदलने के लिए सरकार के समक्ष गुहार लगा रहे हैं । प्रवीण ने कहा कि 1500 के करीब यह शिक्षक 2008 से लेकर 2010 में भाजपा की सरकार के समय मे रखे गए हैं ।

अब न्याय वर्तमान सरकार नही देगी तो कौन देगा । क्योंकि बाकियों ने तो कह दिया कि जिस सरकार ने रखा है उसी से आग्रह करो । अब जबकि कोर्ट भी हाँ कर चुका है तो फिर सरकार भी अपने लोगों के लिए हां कह दे । क्योंकि देरी करने से प्रमोट होने वालों की प्रोमोशन रुकी हुई है । प्रार्थना है कि दिसम्बर महीने में सरकार द्वारा बिना पटिशनर बने सभी को लाभ प्रदान कर दिए जाएं ताकि वर्तमान सरकार का यह पीड़ित शिक्षक गुणगान कर सकें। इस अवसर पर मोर्चा फाउंडर अरुण दत्त ,मोर्चा महासचिव अरुण कानूनगो , वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव मलगोत्रा , वरिष्ठ सलाहकार भारत भूषण , अध्यापक संघ राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष छामछु सुव्वा , महिला विंग प्रधान रीता डोगरा व अन्य उपस्थित रहे ।

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