ऊना

कोरोना का संक्रमण नहीं थमा तो और सख्त होंगी पाबंदियाः डीसी

उपायुक्त राघव शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों के साथ की बात

(ऊना)ललित ठाकुर

उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने आज जिला के सभी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक वीडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 बारे आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है जो हमारे लिए एक चिंताजनक है। सितंबर माह में कोरोना वायरस संक्रमण के जिला ऊना में 806 तथा दिसंबर में 610 मामले और मार्च में 950 से भी ज्यादा मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को इसकी समीक्षा की जाएगी, अगर मामलों में इसी तरह बढ़ोतरी होती है तो प्रशासन द्वारा और कड़ी पाबंधियां लगाई जा सकती है।

डीसी ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि 8 अप्रैल तक सभी प्रकार के आयोजनों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। विवाह के आयोजनों में अधिकतम 50 लोग तथा दाह संस्कार में अधिकतम 20 लोग भाग ले सकते हैं, जिसकी पूर्वानुमति संबंधित एसडीएम नागरिक से लेनी अनिवार्य होगी। उन्होंने बताया कि गुगलैहड़ में 21 व्यक्ति कोरोना पॉजीटीव पाए गए थे जिनकी हिस्ट्री एक बड़े आयोजना में भाग लेने से जुडी हुई थी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि कोई भी व्यक्ति बाहरी राज्यों से घर में रहने या किसी प्रकार के आयोजन में भाग लेने आ रहा है तो उसका कोविड टेस्ट करवाना सुनिश्चित करें।

राघव शर्मा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में भी कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है जोकि हमारे लिए काफी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पंजाब व महाराष्ट्र से आने वाले सभी लोगों का कोविड टेस्ट करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिस किसी पंचायत में कोई व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव पाया जाता है वहां पंचायत प्रधान, उपप्रधान सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति की निगरानी रखें कि वह घर से बाहर ना निकलें ताकि समाज के बाकी लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके।

एक अप्रैल से 45 वर्ष के व्यक्तियों को लगेंगे टीके

उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल के बाद के 45 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों को कोरोना वैक्सीन लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार व उप स्वास्थ्य केंद्र में वीरवार को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी।

डीसी ने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर काफी भ्रांतियां फैलाई जा रही है तथा लोग इसे सर्दी, जुकाम व बुखार का ही रोग समझ रहें हैं, जिसके कारण लोग लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा कोरोना प्रोटोकॉल की पालना नहीं कर रहें हैं। जिससे परिवार के सदस्यों को भी कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सजग रहने और अपनी-अपनी पंचायतों को कोरोना मुक्त बनाने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

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