सरस्वती विद्या मंदिर बालकरूपी में पर्यावरण दिवस के अवसर पर जूम मीट के माध्यम से पेश किए गए विचार

(जोगिंदर नगर)क्रांति सूद

सरस्वती विद्या मंदिर बालकरूपी में पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानाचार्य नवीन कुमार के मार्गदर्शन से विद्यालय के सभी आचार्य दीदियों एवं भैया -बहनों ने जूम मीट के माध्यम से पर्यावरण दिवस पर अपने -अपने विचार रखे। इस अवसर पर मंडी जिला मंत्री गोपाल दास मुख्यतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय के अधिकृत सदस्य एवं जिला उपाध्यक्ष कांशीराम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे । व्हाट्सएप के माध्यम से बच्चों की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया जैसे नारा लेखन , कविताएं, निबंध प्रतियोगिता भाषण प्रतियोगिता तथा इसके अलावा भैया- बहनों ने विभिन्न प्रकार की पेंटिंग बनाकर एक दूसरे को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया ।

विद्यालय की नवम कक्षा की छात्रा वंशिका द्वारा विश्व पर्यावरण पर जागरूकता संदेश दिया गया।बहन सारिका ने कविता के माध्यम से सभी को जागृत किया। विद्यालय की आचार्य श्रीमती मनसा जी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर भैया बहनों को विशेष संदेश दिया कि विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व भर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है धरती पर जीवन के लालन-पालन के लिए पर्यावरण प्रकृति का उपहार है वह प्रत्येक तत्व जिसका उपयोग हम जीवित रहने के लिए करते हैं वह सभी पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं जैसे हवा, पानी, प्रकाश ,भूमि, पेड़, जंगल और अन्य प्राकृतिक तत्व ।

अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य नवीन कुमार ने भी भैया- बहनों को जूम मीट के माध्यम से संदेश दिया कि हमारा पर्यावरण धरती पर स्वस्थ जीवन को अस्तित्व में रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2021 को विश्व के लगभग 100 देशों में मनाया जा रहा है इसकी शुरुआत 5 जून 1972 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुई थी तथा पहला पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को मनाया गया था। प्रतिवर्ष पर्यावरण दिवस संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में सब को यह संदेश दिया जाता है कि हमें अपना पर्यावरण किस तरह से स्वच्छ रखना है तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हम सबका एक नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम पर्यावरण को साफ सुथरा रखें। पर्यावरण का शाब्दिक अर्थ है परि जमा आवरण। जिसका अर्थ है हमारे चारों और घिरा हुआ वातावरण। अर्थात अमृत बांटे कर विषपान , वृक्ष स्वयं शंकर भगवान। पर्यावरण और मानव का संबंध अत्यंत घनिष्ठ है। पर्यावरण से मनुष्य की भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। पर्यावरण से हमें जल, वायु और भौतिक चीज़े प्राप्त होती है ।प्राकृतिक पर्यावरण में पेड़ पौधे, झाड़ियां ,जीव जंतु ,जैविक- अजैविक, मनुष्य, नदी -नाले, वायु, सूर्य का प्रकाश, पशु-पक्षी आदि शामिल है। पर्यावरण हमारे स्वास्थ्य का ख्याल ही नहीं रखता है बल्कि एक मां की तरह सुख शांति भी प्राप्त करवाता है। प्रकृति में हम सब मानव आवास करते हैं ।इसलिए हमारा विकास ,जल ,पृथ्वी, अग्नि, वायु तथा आकाश इन पांच तत्वों से हुआ है। इन पांच तत्वों में से एक तत्व भी कम हो जाता है तो प्रकृति और मानव का असंतुलन हो जाता है ।

इसलिए पर्यावरण को साफ रखना हम सब का नैतिक कर्तव्य बनता है ।पर्यावरण में प्रदूषण कोई भी हो चाहे वह वायु प्रदूषण हो चाहे , या वह ध्वनि प्रदूषण हो ,चाहे वह जल प्रदूषण हो हम सबको मिलकर इन सब से प्रकृति को मुक्त करवाना है ।हमें अपने आसपास की तथा अपने मन की स्वच्छता रखनी चाहिए। यह वाक्य प्रधानमंत्री महोदय जी ने भी स्वच्छता अभियान के रूप में संपूर्ण भारतवर्ष को संदेश दिया था तथा हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम प्रतिवर्ष अधिक से अधिक पेड़ लगाएं ।जितने अधिक घने हमारे जंगल होंगे उतने ही पशु पक्षी उसमें रहेंगे तथा हमारा वातावरण भी उतना ही साफ सुथरा रहेगा ।इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए , ना कि काटने चाहिए जैसे पीपल का पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। तुलसी का पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। नीम का पेड़ 18 घंटे ऑक्सीजन देता है ।आज इस करोना महामारी के दौरान भी जो हमारे सांसो में दिक्कत आ रही हैं वो सब ऑक्सीजन की कमी के कारण हो रहा है

इस ऑक्सीजन की क्षति को पूरा करने के लिए हमें सबसे पहले अपने आसपास के वातावरण, घर की साफ सफाई ,स्वच्छता अधिक से अधिक पेड़ लगाना, जल को साफ रखना, वायु को साफ रखना ,ध्वनि प्रदूषण को कम करना तथा नदी और फैक्ट्रियों से निकले हुए कचरे और धुँए आदि को कम से कम निष्पादित करें ।तथा पानी में किसी तरह से जहरीला केमिकल कंपनियों द्वारा छोड़ा जाने वाला जहरीला पदार्थ जल नदियों में ना प्रवाहित करें ।इससे हमारा जल ,आकाश तथा वायु प्रदूषित हो रही है इसलिए हम सबको इस दिन हवन भी करना चाहिए ।और हवन के द्वारा वातावरण को किस तरह से शुद्ध किया जाता है इसका अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। प्रत्येक घर में हवन प्रतिदिन करवाया जाए ताकि हमें अच्छी शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। इस वर्ष हम सब को यह संकल्प लेना है कि हम अपने गांव तथा शहर को पेड़ पौधे लगाकर के हरा भरा रखें जल वायु आकाश को साफ सुथरा रखें।

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