सरकार और मन्त्री के “हैण्डज अप”

धर्मपुर में चंदे से ख़रीदी जा रही है कोरोना किट

मन्त्री पुत्र और पुत्री में सामग्री वितरण को लेकर चल रही है प्रतियोगिता

टिहरा में दस दिन में तीसरी बार हो गया फ़ोटो सैशन

(सरकाघाट)रितेश चौहान

पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कोरोना किट के वितरण को लेकर धर्मपुर में मन्त्री के बेटे औऱ बेटी द्वारा की जा रही राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा और आलोचना की है।उन्होंने बताया कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पिछले दो सप्ताह से सामग्री वितरण का कथित अभियान चल रहा है जिसका नेतृत्व मन्त्री का बेटा कर रहा था और अब गत सप्ताह से मन्त्री कि बेटी भी इसमें कूद गई हैं। इस सामग्री वितरण अभियान से ऐसा लगता है कि सरकार ज़रूरी सामग्री व उपकरण उपलब्ध करवाने में पूरी तरह फ़ेल हो गई है और हाथ खड़े हो गए हैं। इसलिये सब कुछ चंदे से ख़रीद कर वितरण करने का अभियान चलाया जा रहा है। जो सीधे तौर पर मन्त्री के बेटे और बेटी का प्रचार और फ़ोटो खिंचवाओ अभियान हो गया है।

मंत्री का उतराधिकारी कौन,यही है लड़ाई

अंदर खाते मन्त्री का उत्तराधिकारी बेटा होगा या बेटी उसके लिए इस बहाने जोर अजमाइस शुरू हो गई है जिससे पँचायत प्रतिनिधि और पार्टी वर्करज कन्फयूजन में हैं।पूर्व ज़िला परिषद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि धर्मपुर की जनता पूरी तरह कन्फयूजन में है कि पिछले दो सप्ताह से जलशक्ति मन्त्री का बेटा जगह जगह कोरोना कीटों से लेकर एम्बुलेंस तक जो वांटा जा रहा है उसे ये प्रचारित किया जा रहा है कि ये सब भाजपा मण्डल और मन्त्री की बेटी की अध्यक्षता वाली संस्था की ओर से दिया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले कल टिहरा अस्पताल को एक ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, मास्क,ग्लब्ज़ और सैनिटाइजर भेंट किये गए जिसमें मन्त्री का बेटा व बेटी दोनों मौजूद रहे।गत दस दिनों में ये फोटोसेसन तीसरी बार हो गया।सबसे पहले मन्त्री के बेटे रजत ठाकुर ने ग्राम पंचायत प्रधान को सामग्री दी थी और उसके तीसरे दिन मन्त्री की बेटी व ज़िला पार्षद बंदना गुलेरिया ने अपनी समर्थकों के माध्यम से अस्पताल में सामग्री पहुंचा दी और पिछले कल फ़िर से सामग्री वितरण प्रतियोगिता का फोटोसेसन टिहरा अस्पताल में हुआ जिसमें मन्त्री की बेटी और बेटा मौजूद थे।लेक़िन इस कार्यक्रम में जिला पार्षद व मन्त्री की बेटी ने कुछ पँचायत प्रतिनिधियों को सार्वजनिक तौर पर लताड़ दिया जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और दो गुट बन गए। सामग्री वितरण को लेकर ये प्रतियोगिता दोनों भाई बहन में पिछले कुछ दिनों से हो रहा है और यह दर्शाने की कोशिश शुरू हो गई है कि मन्त्री के परिवार से बड़ा दानवीर व समाजसेवी धर्मपुर में औऱ कोई नहीं है।जबकि दबी जुबान में सभी ये कह रहे हैं कि ये सब इसलिये हो रहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में यदि टिकट बदलता है तो बेटे और बेटी में से कौन भाजपा के उमीदवार हो सकता है उसका ट्रेलर लॉन्च हो गया है। वहीँ भूपेंद्र सिंह ने सरकार और मन्त्री से सवाल पूछे हैं कि क्या जिस सरकार में वे सबसे ज्यादा ताकतवर मन्त्री कहलाये जाते हैं क्या वह सरकार कंगाल हो गई है जो जनता को बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पा रही है और सारा बोझ उनके बेटे और बेटी को उठाना पड़ रहा है?

सरकार हुई कंगाल ,एम्बुलेंस भी मिली दान

गौरतलब है कि पिछले दिनों जलशक्ति मन्त्री ने धर्मपुर में एक आधुनिक एम्बुलेंस जनता को समर्पित की थी और उस समय भी ये कहा गया था कि वो भी भाजपा के लोगों ने चंदा इकठ्ठा करके ख़रीदी थी।इस प्रकार मास्क से लेकर एम्बुलेंस तक जो भी यहाँ वितरित किया जा रहा है वो सब मन्त्री के परिवार और भाजपा कार्यकर्ता ही दे रहे हैं तो फ़िर सरकार क्या कर रही है? इस बारे जनता को बताया जाये।दूसरा बड़ा सवाल ये भी है कि ये सब पैसा कहां से और कैसे इकठ्ठा किया जा रहा है इससे भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।ऐसा प्रतीत हो रहा है कि धर्मपुर में इस सहायता के बहाने मन्त्री के बेटे और बेटी को अघोषित तौर पर प्रचारित किया जा रहा है और जिस सरकार व मन्त्री की ये सब सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी है वे उसे पूरा करवाने में पूरी तरह नाकाम हो गए हैं। दूसरा एक और प्रशन लोग पूछ रहे हैं कि टिहरा अस्पताल में अभी बुनियादी टेस्टों की सुविधाएं नहीँ हैं किसी मरीज़ को ऑक्सीजन लगाने की बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है और ये जनता की आंखों में धूल झोंकने और कोरोना काल में सहायता प्रदान करने के बहाने मन्त्री के बेटे और बेटी को प्रचारित करने से ज़्यादा और कुछ नहीं है।

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