लाहौल स्पीति

स्नो फ़ेस्टिवल के 74वें दिन में खंगसर महल में गुंछोद उत्सव का हुआ आयोजन

स्वतंत्र हिमाचल

(लाहौल-स्पीति)तन्जिन वंगज्ञाल

हिम माहोतस्व के 74वें दिन में खंगसर महल में गुंछोद उत्सव में उपायुक्त पंकज राय ने मुख्यतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। जिसमें स्थानीय कलाकारों ने परम्परागत शरदकालीन मुखोटा नाट्य-नृत्य का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर सहायक उपायुक्त राजेश भण्डारी, पीओआईटीडीपी रमन शर्मा, अन्य अधिकारी व पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष रिगजिन हायरप्पा भी उपस्थित रहे।

बता दें कि गुंछोद एक मुखोटा उत्सव है। पुराने समय में ठाकुरों द्वारा इसका आयोजन मुख्यतः मनोरंजन के उद्देश्य से किया जाता था। इसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा पारम्परिक तरीक़े के बनाये हुए मुखोटे पहनकर नृत्य -नाट्य का प्रदर्शन किया जाता था। इससे पूर्व पारम्परिक पूजा अर्चना का कार्यक्रम सम्पन्न किया जाता है।

उपायुक्त पंकज राय ने कहा कि इस उत्सव के द्वारा पुरानी सांस्कृतिक विधाओं एवं के लुप्त परम्पराओं को व पुरातन पर्वों को पुनर्जीवन मिला है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खंगसर गाँव में ठाकुरों का 108 कमरों का पुरातन महल मौजूद है, जिसमें यह पारम्परिक मुखोटे आज भी सहेज कर रखे गए हैं जो वर्ष में सिर्फ़ दो बार गुंछोद के अवसर पर ही नृत्य के लिए निकाले जाते हैं। यह उत्सव एक बार गर्मियों में तथा एक बार शरद ऋतु में मनाया जाता है। इससे जुड़ी कई जनश्रुतियां यहां प्रचलित हैं। पुराने समय में इस आयोजन को देखने लोग दूर-दूर से आया करते थे।

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