मंडी

धर्मपुर में चुनाव आचार संहिता की हो रही है उलंघना : भूपेंद्र

बेबस मुख्यमंत्री के बाद अब चुनाव आयोग भी महेन्द्र के आगे हो गया है बेबस

मंत्री के राज में जंगलराज और परिवारवाद हो चुका है क़ायम

(सरकाघाट )रितेश चौहान

धर्मपुर में आगामी 7 अप्रैल को हो रहे प्रधान पद के चुनाव की अधिसूचना 12 मार्च को जारी हो चुकी है और उसी दिन से चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है।लेक़िन धर्मपुर में जलशक्ति मन्त्री की बेटी व नवनिर्वाचित ज़िला पार्षद बंदना गुलेरिया पर आयोग के दिशा निर्देश लागू नहीँ हैं।कियूंकि वो पिछले दो दिन से जगह जगह महिला मंडलों को चाय के कंटेनरों के वितरण के लिए बुला रही है जिसमें वो भाजपा के प्रत्याशियों को वोट देने की अपील भी इन कार्यक्रमों में कर रही है।

पूर्व ज़िला पार्षद व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव भूपेंद्र सिंह ने राज्य चुनाव आयोग व धर्मपुर के चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एस डी से यहां चुनाव आचार संहिता लागू करवाने की मांग की है।

इसके अलावा मनरेगा मज़दूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड के फ़ार्म यूनियन के बजाये भाजपा के लोगों से ही भरवाने की धमकियां दी जा रही है और उन्हें ग़ुमराह भी किया जा रहा है।पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से गरयोह, टिहरा,कोट सजाओपीपलु और आज संधोल व मढ़ी में सार्वजनिक तौर पर ये इन कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।जिनमें महिला मण्डलों को बुलाया जा रहा है और उन्हें ये कंटेनर वांटे जा रहे हैं।

हालांकि गत सप्ताह आठ मार्च को महिला दिवस के मौके पर भी इन्ही कंटेनरों को लेने के बहाने सैंकड़ों महिलाओं को धर्मपुर बुलाया गया था।लेक़िन इस प्रकार का वितरण चुनाव आचार संहिता के दौरान करके अब सारेआम चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही है।लेकिन राजनैतिक दबाब के कारण प्रशासन कोई कार्यवाई नहीँ कर पा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मपुर में मन्त्री और उनका बेटा व बेटी न तो सरकार के नियमों को मानते हैं और न ही चुनाव आयोग को मानते हैं और यहां पर पूरी तरह से जंगलराज और परिवारराज क़ायम हो गया है लेकिन इन पर कोई कार्यवाई नहीँ होती है।

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