शिमला

शिक्षा विभाग ने मिड डे मील वर्कर्स के लिए निकाली नई गाइडलाइन

 

स्वतंत्र हिमाचल

(शिमला)सुनीता भारद्वाज

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 70 हजार छात्रों को सिर पर धाटू, हाथ में ग्लब्स पहनकर मिड-डे मील बन रहा है। खास बात यह है कि 10 माह बाद स्कूलों में बन रहे दोपहर का खाना छात्रों को दूर-दूर बैठकर आबंटित किया जा रहा है।  मंगलवार को प्रारंभिक शिक्षा विभाग के पास कई ऐसी फोटो ऑनलाइन आती रहीं। इसी के मद्देनजर मंगलवार को शिक्षा विभाग ने एक बार फिर से सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश जारी कर कहा है कि छात्रों को मिड-डे मील देते वक्त दो गज की दूरी रखने का विशेष ध्यान रखा जाए। विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के तहत मिड-डे मील बनाते वक्त वर्कर को सिर पर दुपट्टा, धाटू या साफ कपड़ा बांधना होगा। इसके साथ ही हाथों में चूडि़या व अंगूठिया बिलकुल भी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा विभाग ने यह भी साफ किया है कि किचन में रोज सफाई होनी चाहिए। बचे हुए खाने को ऐसी जगह पर डिस्पोज करना होगा, जो स्कूल से दूर हो।

अहम यह है कि शिक्षा विभाग ने मंगलवार को सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की है, वहीं स्कूलों में कितने छात्र दोपहर का खाना खा रहे हैं, इस पर जानकारी मांगी गई है। फिलहाल विभागीय जानकारी के अनुसार मंगलवार को 65 हजार 202 छात्रों के लिए मिड-डे मील बनाया गया। इसमें अकेले पांचवीं व आठवीं कक्षा के छात्र शामिल थे।

बता दें कि मंगलवार को दूसरे दिन पांचवीं कक्षा के 34 हजार 064 छात्र उपस्थित रहे। इसके साथ ही आठवीं कक्षा के 31 हजार 138 छात्र स्कूलों में आए। जिला वाइज बात करें तो दूसरे दिन पांचवीं के बिलासपुर जिला में 2938, हमीरपुर में 2613, कांगड़ा में 8702, ऊना में 4666, शिमला में 288, चंबा में 1758, सिरमौर में 4269, कुल्लू में 3040, सोलन में 3438, लाहुल स्पीति में 100, मंडी में 4547 छात्र स्कूल पहुंचे। इसके अलावा आठवीं कक्षा की बात करे तो बिलासपुर के 3140, हमीरपुर में 2739, कांगड़ा में 7936, ऊना 3464, शिमला 354, चंबा 1565, सिरमौर 3137, कुल्लू 1796, सोलन 2595, लाहुल-स्पीति में 109 व मंडी में 4303 छात्र स्कूल पहुंचे।  आठवीं व पांचवी कक्षा के जितने भी छात्र स्कूलों में पहुंच रहे हैं, उन में से मिड-डे मील खाने वाले छात्रों का आंकड़ा भी दर्ज होगा।  दरअसल कहा जा रहा है कि कई स्कूलों में छात्र मिड-डे मील का खाना नहीं खा रहे हैं।

ऐसे में अब विभाग की प्लानिंग है कि जो छात्र स्कूलों में खाना नहीं खा रहे हैं, उन्हें घर पर ही राशन दिया जा सकता है। इससे पहले सभी स्कूलों मिड डे मील बनाने वाले कर्मियों को थर्मल स्कैनर से रोज तापमान चैक करवाना होगा। ज्यादा तापमान या फिर खांसी, जुकाम बुखार होने पर कर्मचारी मिड डे मील नहीं बनाएगा। इसके अलावा साफ- सुथरे कपड़े पहनकर ही खाना बनाना होगा।

जल्द भेजें 5वीं व 8वीं के प्रश्न-पत्रों की डिमांड

मंडी।  जिला के सभी सरकारी व हिमाचल प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त निजी पाठशालाओं को मार्च अप्रैल में आयोजित की जाने वाली 5वीं और 8वीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं के लिए संबंधित प्रश्न पत्रों उपलब्ध करवाएगा। यह जानकारी प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी अमरनाथ राणा ने दी। उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्रों की मांग खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी और खंड परियोजना अधिकारी को विषयवार और माध्यमवार नौ फरवरी तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इसके बाद खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी और खंड परियोजना अधिकारी प्रश्न पत्रों की समेकित मांग अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में 22 फरवरी तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त निजी पाठशालाओं को 5वीं व 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों का प्रश्न पत्र मुद्रण शुल्क 50 रुपए व 100 रुपए गत वर्षों की भांति सीधे बोर्ड कार्यालय में जमा करवाना होगा।

दूसरे दिन पहुंचे बोर्ड के 55 प्रतिशत छात्र

शिक्षा विभाग के अनुसार मंगलवार को दसवीं व जमा दो की कक्षा के 55 प्रतिशत छात्र स्कूल पहुंचे। वहीं, पहले दिन यह आंकड़ा 45 फीसदी था। धीरे-धीरे स्कूलों में छात्रों के आने की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। वहीं एक हफ्ते में स्कूल आने वाले छात्रों का आकंड़ा कितना बढ़़ रहा है, इसका रिव्यू सरकार जल्द करेगी।

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