मंडी

जल शक्ति मंत्री के गृह क्षेत्र धर्मपुर में सफ़ेद हाथी बनी दर्जनों सिंचाई योजनाएं

अरबों रुपये खर्च करने के 32 वर्षों बाद भी खेतों में नहीं पहुंचा है पानी

 

किसान सभा 15 मार्च को करेगी धरना प्रदर्शन : भूपेन्द्र सिंह

अगले साल हो जाएंगे सभी योजना तैयार : चीफ इंजिनियर

(सरकाघाट )रितेश चौहान

प्रदेश के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के गृह विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में दो दर्ज़न सिंचाई योजनाओं पर अब तक अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन खेतों में पानी एक भी स्कीम का नहीं पहुंचा सकी है। यही नहीं पिछले लगातार 33 साल से धर्मपुर विधानसभा का लगातार नेतृत्व कर रहे जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह आज तक अपने विधानसभा क्षेत्र में एक भी सिंचाई योजना को तैयार करवाने में पूर्णतया नाकाम रहे हैं यह आरोप किसान सभा खंड अध्यक्ष एवं पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भुपेंद्र सिंह ने लगाए हैं l

उन्होंने कहा कि सिंचाई योजनाओं के आज तक तैयार ना होने के कारण किसानों को अपनी फ़सल सूखे से बचाने व पैदावार बढ़ाने के लिए सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व मन्त्री महेंद्र सिंह ने बहरी-मढ़ी-ध्वाली सिंचाई योजना का शिलान्यास किया था जिससे 21 गांवों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का प्लान था।लेकिन 12 साल गुज़र जाने और 39 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी अभी तक एक भी गांव को पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत कोट, चकयाना, छपानु,बलहड़ा, भरौरी, जंगेल, मठी बनवार, सतरेहड़,तनहेड, तरोहल्ला,बनवार कलां, ध्वाली, रिछली, सक्रेन, गमधाल, दबरोट, चाम्बी,बिंगा, सकलाना और बहरी गांवों के लिए सिंचाई हेतु पानी दिया जाना था।

लेकिन बड़े अचरज़ की बात है कि पिछले 32 सालों में यहां के विधायक व वर्त्तमान सरकार में चार विभागों के मन्त्री महेंद्र सिंह इस सिंचाई योजना को चालू नहीं कर पाये हैं जबकि इस योजना पर अभी तक 40 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इसी योजना से मन्त्री ने अपने घर के पास करोड़ों रुपए का आलीशान रेस्ट हाउस सरकार बनने के एक साल में ही युद्ध स्तर पर तैयार करवा दिया है लेकिन सिंचाई के नाम पर अभी तक किसानों को एक बूंद पानी नहीँ मिला है।

 

उन्होंने इस योजना में बड़े पैमाने पर धन के दुरुपयोग होने के बारे में भी आशंका जताई है।जिसके चलते अभी तक इतनी बड़ी धनराशी खर्च करने के बाद भी पानी खेतों में नहीं पहुंच पाया है।उन्होंने बताया कि इस वर्ष सर्दियों में वारिश कम होने के कारण इन सभी गांवों में गेहूं की फ़सल सूख गई है और यदि ये सिंचाई योजना शुरू हो गई होती तो दो दर्जन गांवों के सैंकड़ों किसानों की फ़सल बच सकती थी।इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से इस योजना के 12 वर्षों में भी न बनने के कारणों की जांच करने की मांग की है और इन गांवों के किसानों को सूखे से हुये नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की है।

भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वे आगामी 15 मार्च को हिमाचल किसान सभा व स्थानीय किसानों के साथ मिलकर एस डी एम कार्यालय धर्मपुर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।भूपेंद्र सिंह ने ये बताया कि इस योजना के अलावा 21 और सिंचाई योजनाएँ पिछले बीस वर्षों में यहां निर्मित की गई हैं लेकिन किसी भी स्कीम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीँ मिल रहा है।जिनमें सिंचाई योजना छात्र, मोरला, छिड़, जाजर, चनेहड़, हियूंन और बारल,भतौर, कुमारहड़ा शिहन, खरड़ और कौंसिल, चौकी, बनेरहड़ी, पुतली फालड,कलस्वाई, सिद्धपुर, डेढ़ल, मंडप, हुकल, संधोल, ब्रान्ग चनोउता, बैरी कोठुवाँ,स्योह, लौंगनी त्रेम्बला गांवों के लिए भी कागजों में सिंचाई योजना बनी हैं जिनपर करोड़ों ही नहीं बल्कि अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन पानी कहीं पर भी खेतों में नहीं पहुंचा है।

गौरतलब है कि इन सभी सिंचाई योजनाओं का निर्माण पिछले 33 वर्षों से यहां की नुमाइंदगी कर रहे यहां के विधायक के कार्यकाल में ही हुआ है इसलिए इन सभी स्कीमों से खेतों को पानी न मिलना बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है जिसकी जांच होना जरूरी है।
जल शक्ति विभाग पूर्व जिला परिषद सदस्य के आरोपों को निराधार बता रहा है विभाग का कहना है कि बहरी मढ़ी धवाली योजना शुरू कर दी गई है l विभाग के आला अधिकारियों की माने तो अगले साल यानी चुनावी साल में सभी योजना तैयार कर ली जाएगी l
जल शक्ति विभाग के चीफ इंजीनियर डॉक्टर एस के शर्मा का कहना है धर्मपुर में सिंचाई योजनाओं की युद्ध स्तर पर काम चले हुए हैं अगले साल सारी योजनाएं जनता को समर्पित कर दी जाएगी l

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