नि:स्वार्थ जनसेवा में रिश्तेदारी नहीं बल्कि विकास कार्यों को पूर्ण करने की लगन को तरजीह दी जाती है : रुकमणी देवी

स्वतंत्र हिमाचल

(सैंज)प्रेमसागर चौधरी

पंचायत निकाय के चुनावों के मद्देनज़र सभी भावी प्रत्याशी अपनी – अपनी किस्मत आजमाने में साम-दाम-दण्ड-भेद की नीति को अपनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। भले चाहे अपने करीबी की खास पहचान हो अथवा पारिवारिक रिश्तेदार हो, अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जिला परिषद के लिए जेष्ठा वार्ड भी इसी का एक उदाहरण पेश करने का इतिहास रचने जा रहा है। बूआ-भतीजी के आमने-सामने होने से यह सीट रोमांचक होती दिखाई दे रही है, किंतु राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस सीट पर रुकमणी देवी भारी होती प्रतीत हो रही है।

जानकारों तथा स्थानीय जनता के प्रबुद्ध नेताओं के अनुसार जेष्ठा वार्ड से रुकमणी देवी अपनी स्वच्छ छवि तथा अपने लम्बे राजनीतिक अनुभव से विजय पताका फ़हराती हुई नज़र आ रही है।
पूर्व में जिला परिषद का चुनाव आज़ाद लड़ते हुए भी भले चाहे कुछ ही वोटों के अंतर से हारना हो तथा तदोपरांत पंचायत समिति की अध्यक्षा बनना हो अथवा पंचायत प्रधान बनकर जनता की निरंतर सेवा भावना से अपनी कार्यप्रणाली को एक अलग नजरिया देते हुए रुकमणी देवी ने अपने आप को साबित करते हुए जनता की एक सच्ची हितैषी बनकर एक ऐतिहासिक मिसाल पेश की है।
भाजपा किसान मोर्चा बंजार मण्डल के महामन्त्री विनोद शर्मा ने बताया कि रुकमणी देवी को भाजपा समर्थित प्रत्याशी बनाकर बंजार के शीर्ष नेतृत्व ने सही निर्णय लिया है जिससे आम जनमानस में एक सच्ची जनसेविका को आगे लाकर लोगों की सेवा करने का पूरा मौका प्रदान करके उनके साथ पूर्णतः न्याय किया है।

उन्होंने बताया कि अपनी स्वछंद व ईमानदार राजनीति के कारण ही लोगों ने रुकमणी देवी को सर आँखों पर बिठाया हुआ है जिसका नतीजा उन्हें इस चुनाव में अवश्य मिलेगा तथा जनता उन्हें अपना पूर्ण समर्थन देते हुए विजयी बनाकर पुनः नव उत्साह से सेवा करने का मौका प्रदान करेगी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक जेष्ठा/रैला वार्ड में गत दस बर्षों में जिला परिषद के अंतर्गत कोई भी ऐसे विकास कार्य नहीं किए गए हैं जिनके दम पर यहाँ किसी को इस चुनाव में बतौर प्रत्याशी खड़ा करके मतदाताओं को लुभा सके। प्रदेश कार्य समिति सदस्य पीके रॉयल ने बताया कि आज तक जिला परिषद सदस्य के किसी भी निधि से स्थानीय जनता को उनके विकास कार्यों हेतु कोई भी संतोषजनक राशि प्रदान नहीं की गई हैं जिसके बलबूते आज वे स्थानीय जनता से वोट मांग सके। उन्होंने कहा कि विगत दस बर्षों में स्थानीय जनता को विकास के नाम पर वोट मांगकर ठेंगा दिखाकर लोगों को ठगा गया है जिसका नुकसान लोगों को हुआ है तथा इस बार रुकमणी देवी जैसी समाजसेविका को जिला परिषद का टिकट देकर स्थानीय जनता के साथ पूर्णतः न्याय किया है जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को बल मिलेगा।

रॉयल ने बताया कि यहाँ की जनता के साथ पिछले कुछ बर्षों से एक योजना के तहत वोट मांगकर उन्हें चाल में फंसाकर आज कुछ नेता दूसरी जगह अपनी राजनीतिक जमीन तलाश कर रहे हैं जबकि आज का हर एक मतदाता समझदार हो चुका है जो अपनी समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर यहाँ के स्थानीय नेतृत्व से कर सकते हैं।

जिला परिषद प्रत्याशी रुकमणी देवी ने बताया कि उन्होंने हमेशा लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा विकास कार्यों को बढ़ावा देने का हर संभव प्रयास किया है जिसका नतीजा उन्हें जिला परिषद, पंचायत समिति तथा पंचायत प्रधान बनाने तक के भरपूर समर्थन के सफर तक बतौर पुरस्कार प्रदान किया गया है, जिससे प्रोत्साहित होकर आज जेष्ठा वार्ड के लोगों के परस्पर प्रेम, सानिध्य, सहयोग तथा आशीर्वाद से टिकट प्राप्त कर उनकी सेवा करने का मौका दिया है, जिसे वह बखूबी निभाने को तत्पर है

 

उन्होंने कहा कि अपने लोगों की सेवा करने के इस मौके को पूरी तरह निभाने को बेताब हैं क्योंकि पिछले कुछ बर्षों से यहाँ की जनता को ठगा कर उनसे वोट लिए गए हैं जिसका खामियाजा यहाँ के लोग आज भी भुगत रहे हैं तथा पूर्व के सभी विकास कार्य जोकि जिला परिषद के अंतर्गत किए जा सकते थे, वह सभी आज जस के तस बने हुए हैं। रुकमणी देवी ने कहा कि जनता के प्रति सेवा भावना रिश्तेदारी नहीं देखती हैं बल्कि जरूरतमंदों तथा विकास कार्यों के प्रति सच्ची कर्तव्यनिष्ठा निभाकर उन्हें अमल में लाकर ही संतोष प्राप्त करने में ही आनंददायक होता है, इस उद्देश्य से ही यह चुनाव जीतकर जनता की सच्चे मन से सेवा करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है जिसे वह अवश्य पूर्ण करेगी।

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