काँगड़ा

श्री कृष्ण का जाप करने से कष्ट और दुखों का होता है निवारण

(कांगड़ा)मनोज कुमार

कांगड़ा के तारा माता मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान श्रीकृष्ण का रुक्मणी से विवाह हुआ। कथा स्थल से नगर में भगवान श्रीकृष्ण की बारात में कई भक्तों ने हिस्सा लिया। चित्रकूट से आए कथावाचक प्रभु राम अवतार दास ने बताया आज भगवान श्री कृष्ण मथुरा जाएंगे। भगवान 12 वर्ष तक वृंदावन में रहे भगवान ने पूतना का वध किया, सकता सुर का वध किया, प्रणाम व्रत का उद्धार किया कालिया नाग का दमन किया गिरिराज गोवर्धन को उठा कर के ब्रज वासियों की रक्षा की।

भगवान ने अपने परम भक्ता गोपियों को उनके जीवन की सबसे बड़ी तपस्या का फल रासलीला दिया और रासलीला में रस बरसा कर के गोपियों को संतुष्ट किया। कालिया नाग का दमन किया, असुरों को मारा और फिर भगवान कंस का वध करने के लिए मथुरा गए। भगवान ने कंस का वध किया और उन्हें धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने उग्रसेन को सिंहासन पर बैठाया और सिंहासन पर बैठा कर भगवान गुरुकुल पढ़ने चले गए।

दोनों भाई कृष्ण बलराम सांदीपनि मुनि के आश्रम उज्जैन में और भगवान ने धर्म की स्थापना की और फिर भगवान जरासंध 17 बार मथुरा में आक्रमण किया भगवान जरासंध को मारना नहीं चाहते थे क्योंकि ब्रह्मा ने उनकी मृत्यु भीम के द्वारा लिखी थी इसलिए भगवान उसे बार-बार छोड़ देते हैं जो 18वीं बार जरासंध मथुरा पर आक्रमण करता है तो भगवान श्री कृष्ण योग माया के द्वारा सारे मथुरा वासियों को द्वारका में स्थानांतरण कर देते हैं जहां विश्वकर्मा ने भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका का निर्माण किया और भगवान द्वारका में रहते हैं। वहां श्री कृष्ण बलराम का रेवती के साथ ब्याह होता है। और श्री कृष्ण का रुक्मणी के साथ ब्याह होता है। प्रभू राम अवतार ने कहा श्री कृष्ण का जाप करने से मनुष्य के सभी कष्ट और दुखों का निवारण होता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!