खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना नालागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में रहे उपस्थित

 

(बीबीएन)अजय रत्तन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश का युवा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए रोजगार प्रदाता बने न कि रोजगार के लिए किसी दूसरे पर निर्भर रहे। प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के माध्यम से वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 3000 करोड रुपए व्यय किए जा रहे हैं तथा 95000 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य को पूरा करते हुए अब तक 70000 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं तथा बाकी 25000 इकाइयां 31 मार्च 2022 तक स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह जानकारी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने नालागढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में उद्यमी को 35% तक अनुदान दिया जाता है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग की योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार स्थापित करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं तथा हिमाचल प्रदेश में शुद्ध व प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध होने के कारण यहां का शहद अन्य राज्यों की तुलना में अधिक गुणकारी तथा औषधीय गुणों से भरपूर है। इससे पूर्व उन्होंने केवीआइसी की ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 80 कुंभकारों को इलेक्ट्रिक चाक तथा 80 मौन पालकों को टूल किट सहित मौन बॉक्स कॉलोनी वितरित किए। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के मौन पालकों, कुम्हारों, बुन करों तथा पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त लाभार्थियों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनियां भी लगाई गई थी।

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