सीपीआईएम लोकल कमेटी क़ी बैठक आनी में हुई आयोजित

 

कोरोना महामारी पर हुई विशेष चर्चा

 

स्वतंत्र हिमाचल
(आनी) विनय गोस्वामी

 

 

सीपीआईएम लोकल कमेटी आनी की विशेष बैठक शुक्रवार क़ो आयोजित हुई, इस बैठक में सचिव गीता राम ठाकुर, मिलाप चंद, हेमराज,लोकेंद्र कुमार और रमेश उपस्थित रहे।इस बैठक में विशेष रुप से कोरोना महामारी को लेकर चर्चा हुई।सीपीआईएम लोकल कमेटी आनी ने निर्णय लिया कि वह पंचायतों में जाकर गांव के लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करेंगे। लोगों को कोरोना से सतर्क रहने के लिए कहेंगे,क्योंकि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में जनता कोरोना को हल्के में ले रही है। जनता को कोरोना टेस्ट करवाने के लिए जागरूक किया जाएगा, साथ ही महामारी के इस दौर में मजदूर वर्ग सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए कार्य करें।


उन्होनें बताया सरकार क़ी ओर से कि निर्देश तो जारी हुए हैं कि मजदूरों का काम बंद नही होगा परन्तु उनके स्वस्थ के प्रति सरकार का अभी तक कुछ भी स्थिति स्प्ष्ट नहीं है।महामारी के समय सरकार ने मनरेगा में काम देने का वायदा किया था परंतु पंचायतों में मनरेगा के कार्य में आनाकानी हो रही है।एप्लीकेशन देने के बाद भी मनरेगा मजदूरों को कार्य नहीं मिल रहा है और न ही विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से मनरेगा मजदूरों को काम माँगने के लिये प्रेरित किया जा रहा है, जबकि सरकार की मानें तो सरकार बार-बार प्रिंट मीडिया के माध्यम से कह रही है कि कोरोना के समय मनरेगा का कार्य जारी रहेगा परंतु जमीनी स्तर पर हम देखते हैं कि मनरेगा मजदूरों को पंचायतों के अंदर कार्य नहीं मिल रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि विभाग के द्वारा मजदूरों को किसी भी तरह से कार्य करने के लिये प्रेरित नहीं किया जा रहा है।विभाग के कुछ कर्मचारी कोरोना महामारी को अवसर के रूप में देख रहे हैं और काम करने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, साथ ही इस बैठक में चर्चा आनी की सब्जी मंडी को लेकर भी हुई।

आगे उन्होनें बताया कि पिछले कुछ समय से आने में सब्जी के मूल्य को लेकर सब्जी वालों और नगर पंचायत आनी के बीच में अंतर्कलह चल रहा है, परन्तु प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस नीति नही बन पाई, जिस कारण आज भी मनमानी चलाई जा रही है।इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हमारे पास सब्जी मंडी नहीं है जिस कारण जनता और सब्जी वालों की आपस में कहासुनी हो रही रही है।सीपीआईएम आनी मानती है कि इन सबका कारण भारतीय जनता पार्टी की सरकार के नुमाइंदे हैं जो लोगो को बार-बार सब्जी मंडी का झूठा आश्वासन दे रहे हैं, जिस जगह को सब्जी मंडी के लिय चयनित किया है उस जगह पर अभी तक कुछ भी कार्य नहीं हुआ है और अगर विधायक की सुनें तो वो बार बार विकास की दुहाई देते हुये थकते नहीं हैं,आम जनता जनती है कि उन्होंने सिर्फ अपनी निजी संपत्ति को बनाने का विकास किया है।

जनता को जिस सब्जी मंडी से मुनाफा होना था उसके लिये वो मात्र गोबर गणेश बनकर बैठे है।आनी में जल्द से जल्द सब्जी मंडी का निर्माण होना चाहिए,ताकि किसानों की सब्जी के अच्छे दाम मिले और किसान खेती की ओर प्रोत्साहित हो।बेरोजगार युवा भी किसानी का रुख करें, सीपीआईएम आनी नें बैठक में निर्णय लिया है कि कोरोना की स्थिति को सामान्य होने के बाद गांव में जाकर लोगों से संवाद करेंगे और लोगों को सब्जी मंडी के मुद्दे को लेकर आने वाले समय के अंदर लामबंद करेंगे क्योंकि पिछले काफी समय से सब्जी मंडी के विषय को सरकार और उनके नुमांइदों के द्वारा ठंडे बस्ते में डाला गया है।मुख्यमंत्री ने आनी में आकर आउटर सिराज की जनता को सिर्फ अच्छे अच्छे सपने दिखाए बाकी जमीनी स्तर पर शून्य है।आउटर सिराज के किसानों को अपनी फसलों, मटर , आलू,फ्रस्बीन आदि की बेचने के लिए बंजार ,कुल्लू ,टकोली,पतलीकूहल की मंडियों का रुख करना पड़ता है,यदि आनी में फल एवं सब्जी मंडी का निर्माण होता है तो यहां के किसानों को उचित दाम मिलेंगे और युवाओं को किसानी व बागबानी करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे हमारे क्षेत्र क़ी आर्थिकी मजबूत होगी।

इन तमाम मुद्दों पर सचिव गीताराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि हम किसानों को कोरोना महामारी के प्रति गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और साथ ही साथ उनकी किसानी के मुद्दों को लेकर उन्हें लामबन्द करेंगे।

सरकार की गलत नीतियों को किसानों को बताएंगे जिसके कारण उन्हें न तो सब्जी मंडी मिल रही है, न उन्हें मनरेगा में काम मिल रहा है,न उन्हें अपनी फसलों के उचित दाम मिल रहे हैं, साथ ही साथ ये डबल इंजन की सरकार महंगाई को रोकने में बिल्कुल नाकाम सिद्ध हुई है।

लगातार खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल होता जा रहा है जिसे आम जनता का जीवन त्रस्त हो चुका है और सरकार महामारी में अवसर ढूंढ रही है कि किस तरह से जनता के जेब पर डाका डाला जाए।

गीताराम ने मीडिया से बातचीत कर बताया कि आने वाले समय में किसानों को लामबंद करेंगे और मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आनी की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया है,और यहां के विधायक महोदय ने भी क्षेत्र से सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। गीता राम ठाकुर जी ने कहा है कि आने वाले समय के अंदर जब स्तिति सामान्य होगी तो किसानों को जल्द से जल्द सब्जी मंडी और मनरेगा के मुद्दे के ऊपर लामबंद करते हुए प्रशासन और सरकार के खिलाफ आंदोलन का रुख करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!