ज्योतिष शास्त्र पर स्वामी रामदेव की टिप्पणी पर कैप्टन लेखराज शर्मा ने की नाराजगी जाहिर

(जोगिंदर नगर)क्रांति सूद

भारत कृषि प्रधान देश है भारतीय संस्कृति वासुदेव कुटुंबकं के आधार पर विकसित हुई है,हमारे दैनिक जीवन में इस संस्कृति की झलक आज भी देखने को मिलती है। यह बात श्री शारदा ज्योतिष निकेतन जोगिंदर नगर के संस्थापक कैप्टन लेख राज शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि वेद पुराणों में हमारी आस्था है कुछ लोगों का कथन है कि ब्रह्मांड की रचना के पूर्व आर्युवेद ,खगोल व ज्योतिष की रचना हुई है। उदय काल के पूर्व आर्य लोग भारत में उत्तरी ध्रुव से आए थे और यहां बस जाने से उन्होंने वेद वेदांग आदि साहित्य की रचना की । ज्योतिष शास्त्र की उत्पत्ति “ज्योतिषां सूर्यादि ग्रहणं बोधक शास्त्र” से की गई है। जिसका अर्थ है कि सूर्य ग्रहण काल का बोध कराने वाले शास्त्र को ज्योतिष शास्त्र कहा जाता है।उन्होंने कहा कि सिद्धांत, होरा,संहिता को गहराई से देखें तो आज का मनोविज्ञान ,जीव शास्त्र, पदार्थ विज्ञान ,वनस्पति विज्ञान ,चिकित्सा शास्त्र और कृषि विज्ञान आदि सभी विषय बड़ी सहजता से आ जाते हैं।

 

इस शास्त्र की परिभाषा समय-समय पर बदलती रही है वेदों की 6 अंगों में ज्योतिष भी एक प्रधान अंग है। जो यज्ञ आदि अनुष्ठान के काल विशेष की व्यवस्था करता है। उन्होंने कहा कि यह भारत की गौरवमयी संस्कृति का फल है कि जब भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तो हमारे नेताओं ने ज्योतिष शास्त्र को आधार मानकर रात के 12:00 बजे वृष लग्न (स्थिर लग्न में) स्थित भारत की नींव का मुहूर्त रखा।जिसमें विद्वान ज्योतिषी पदम विभूषण -सूर्य नारायण व्यास ,वी.वी.रमन, पंडित हरदेव त्रिवेदी आदि विद्वानों की राय ली गई। उन्होंने कहा कि आज बाबा रामदेव भारतीय चिकित्सकों एलोपैथी व ज्योतिष शास्त्र की आलोचना कर रहे हैं,जिसकी वे घोर निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति अमूल्य है ज्योतिष और आयुर्वेद का तो चोली दामन का साथ है। इस विषय पर वे होम्योपैथी ,ऐलोपैथी, आयुर्वेद की कद्र करते हैं,पर ज्योतिष शास्त्र की निंदा बाबा रामदेव जैसा योगी करें यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष को समझने के लिए इन्हें पहले वेद पुराण व धर्मशास्त्र पढ़ना चाहिए तथा संत होने के नाते इन्हें वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। बाबा रामदेव द्वारा ज्योतिष पर की गई टिप्पणी का हमारा विद्वत समाज घोर नींदा करता है। शारदा ज्योतिष निकेतन के संस्थापक कैप्टन लेखराज शर्मा का कहना है कि सरकार को चाहिए कि ऐसे व्यापारी बाबा पर लगाम रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!