मंडी

धर्मपुर में महिला दिवस पर महिलाओं की बजाये हुआ भाजपा का गुणगान : भूपेंद्र

सभी आंगनबाड़ी वर्करज को शामिल किया भाजपा के कार्यक्रम में

(सरकाघाट)रितेश चौहान

धर्मपुर में पिछले कल आयोजित महिला दिवस पर पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने सवाल खड़े किए हैं और इसे महिला दिवस के बहाने भाजपा व मन्त्री की बेटी व बेटे को महिमामण्डित करने का कार्यक्रम बताया है।उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन अलग अलग जगहों पर सरकारी और गैर सरकारी मंचो पर किया गया।लेक़िन धर्मपुर में इस दिवस का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा के बैनर तले किया गया जिसमें बाल विकास विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारी और आंगनवाड़ी वर्करों और महिला मंडलों के अलावा महिला मनरेगा मज़दूरों को भी बुलाया गया था।

कई पंचायतों में तो मनरेगा के काम को बन्द करके मज़दूरों को धर्मपुर पहुंचने के निर्देश जारी किए गए थे जबकि ये कार्यक्रम किसी सरकारी विभाग के बजाये भाजपा महिला मोर्चा का था जिसका आयोजन जलशक्ति मन्त्री कि बेटी के नेतृत्व में किया गया। इस बारे पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि धर्मपुर विकास खण्ड के तीन सौ से अधिक महिला मंडलों को यहाँ पर उन्हें दिये जाने वाले वर्तनों के बहाने बुलाया गया था लेकिन मात्र 10-15 महिला मंडलों को एक एक पतीला देकर वापिस घर भेज दिया गया।

उन्होंने पूछा है कि भाजपा के बैनर तले सरकारी कर्मचारियों को किस आधार पर बुलाया गया था और किसके कहने पर मनरेगा के काम को बन्द किया गया था। उन्होंने कहा कि धर्मपुर में पूरी तरह से परिवारराज क़ायम है और सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए काम हो रहा है।जिसमें कहीं मन्त्री का बेटा सरकारी कार्यकर्मो में मुख्यथि बना होता है और तो कहीं पर उनकी बेटी ने ये कार्यभार संभाला है।

धर्मपुर में मन्त्री के साथ साथ उनका पूरा परिवार ही राज कर रहा है और यहां न तो भाजपा का कोई संगठन है और न ही सरकारी दिशा निर्देश चलते हैं और मुख्यमंत्री भी इस परिवार के आगे हथियार डाल चुके हैं। भूपेंद्र सिंह ने पूछा है कि जिन मनरेगा मज़दूरों को काम बंद करके इस समारोह में जबरदस्ती भाग लेने के लिए बुलाया गया था उनकी दैनिक मजदूरी में भाजपा सरकार ने अपने बजट में एक रुपये की भी बृद्धि नहीं की है और उन्हें अपने राजनैतिक लक्ष्यों के लिए ही इस्तेमाल किया जा रहा है।ऐसी ही स्थिति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा वर्करो की है जिनके मानदेय में मात्र पांच और सात सौ रुपये मासिक की बृद्धि की गई है।

भूपेंद्र सिंह ने ये भी आरोप लगाया कि धर्मपुर में भाजपा के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम के लिए ज्यादा से ज़्यादा भीड़ जुटाने के उद्देश्य से जिन महिला मंडलों को बुलाया गया था उन्हें वितीय सहायता प्रदान करने का झांसा दिया गया था और ये भी निर्देश थे कि महिला मंडल के सभी सदस्य वहाँ मौजूद होने चाहिये तभी ये सहायता उन्हें मिलेगी।

इस प्रकार के अघोषित दबाब में महिलाओं को वहां बुलाया गया और उसमें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के मिशन रिपीट का आह्वान किया गया जो यहाँ पर सरकारी तंत्र का सरेआम दुरुपयोग है।उन्होंने कहा कि महिला मंडल अपने आप में एक स्वतंत्र व गैर राजनैतिक संस्था होती है लेकिन धर्मपुर में इन महिला मंडलों को भाजपा और मन्त्री व उनके परिवार के प्रचार प्रसार में इस्तेमाल किया जा रहा है जिस पर रोक लगनी चाहिए।

भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस परिवारराज व जंगलराज को धर्मपुर में ख़त्म करने के लिए सभी दलों को एकजुटता बनाने की ज़रूरत है और इनके ख़िलाफ़ सयुंक्त रूप में अभियान चलाने की ज़रूरत है और अगले साल होने वाले चुनावों में इस परिवारराज को उखाड़ने के लिए अभी से ही कमर कसनी होगी।

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