Saturday, June 15, 2024
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भारत निर्माता के रूप में जाने जाते है भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर : भुटटो

कुटलैहड़ के भरमौती मन्दिर में पूजा अर्चना करके बिधायक भुटटो ने जनता को बैसाखी की दी बधाई

 

राकेश राणा,बंगाणा

कुटलैहड़ के बिधायक देबेन्द्र कुमार भुटटो ने कुटलैहड़ के एतिहासिक एबम बड़े धार्मिक स्थल भरमौती में  पहले शिरकत करके बैसाखी पर्व की बधाई दी। और पवित्र स्थान में डुबकी लगाई। बाद में भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्मोत्सब कार्यक्रम हिंडोला ओर चताड़ा में शिरकत की। भुटटो ने सम्बोधन में कहा कि भारत रत्न डॉ भीम राव अम्वेदकर  अंबेडकर 14 अप्रैल 1891 को जन्म हुआ था।

कबीर पंथी पिता और धर्मर्मपरायण माता की गोद में बालक का आरंभिक काल अनुशासित रहा। डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर का मूल नाम भीमराव था। उनके पिता श्री रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू में ही मेजर सूबेदार के पद पर एक सैनिक अधिकारी थे। अपनी सेवा के अंतिम वर्ष उन्‍होंने और उनकी धर्मपत्नी भीमाबाई ने काली पलटन स्थित जन्मस्थली स्मारक की जगह पर विद्यमान एक बैरेक में गुजारे। भुटटो ने कहा कि शिक्षाबालक भीमराव का प्राथमिक शिक्षण दापोली और सतारा में हुआ। बंबई के एलफिन्स्टोन स्कूल से वह 1907 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। इस अवसर पर एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया और उसमें भेंट स्वरुप उनके शिक्षक श्री कृष्णाजी अर्जुन केलुस्कर ने स्वलिखित पुस्तक ‘बुद्ध चरित्र’ उन्हें प्रदान की। उन्होंने कहा कि बड़ौदा नरेश सयाजी राव गायकवाड की फेलोशिप पाकर भीमराव ने 1912 में मुबई विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा पास की। संस्कृत पढने पर मनाही होने से वह फारसी लेकर उत्तीर्ण हुये। विश्वविद्या लयबी.ए. के बाद एम.ए. के अध्ययन हेतु बड़ौदा नरेश सयाजी गायकवाड़ की पुनः फेलोशिप पाकर वह अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में दाखिल हुये।

 

सन 1915 में उन्होंने स्नातकोत्तर उपाधि की परीक्षा पास की। इस हेतु उन्होंने अपना शोध ‘प्राचीन भारत का वाणिज्य’ लिखा था। उसके बाद 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय अमेरिका से ही उन्होंने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की, उनके पीएच.डी. शोध का विषय था भुटटो ने कहा कि लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स एण्ड पोलिटिकल सांइसफेलोशिप समाप्त होने पर उन्हें भारत लौटना था अतः वे ब्रिटेन होते हुये लौट रहे थे। उन्होंने वहां लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स एण्ड पोलिटिकल सांइस में एम.एससी. और डी. एस सी. और विधि संस्थान में बार-एट-लॉ की उपाधि हेतु स्वयं को पंजीकृत किया और भारत लौटे। सब से पहले छात्रवृत्ति की शर्त के अनुसार बडौदा नरेश के दरबार में सैनिक अधिकारी तथा वित्तीय सलाहकार का दायित्व स्वीकार किया। बिधायक भुटटो ने कहा कि अंबेडकर को भारत निर्माता के रूप में जाना जाता है। बही कार्यक्रम के बाद बिधायक देबेन्द्र कुमार भुटटो ने थानाकला रेस्ट हाउस में जन समस्याओं को भी सुना। और मौके पर समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। इस मौके पर कुटलैहड़ ब्लॉक अध्य्क्ष राम आसरा,राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के संयोजिक एबम कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर महासचिब,दीपू बगगा, विनय, महासचिव अजय शर्मा, उपाध्य्क्ष रोहित रॉकी, बलाम,राज कुमार, राज, हर्ष शर्मा, सुरेश कुमार चेतु,  प्रवीण शर्मा के अलाबा बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी एबम कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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