अर्की उपमंडल में नही हुआ कामयाब विभिन्न दलों का भारत बंद का आह्वान

स्वतंत्र हिमाचल

(अर्की)कृष्ण रघुवंशी

तीनो नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर डटे किसानों के आह्वान पर उपमंडल अर्की मुख्यालय में किसान सभा सीटू व कांग्रेस द्वारा किया गया भारत बन्द आह्वान का कोई खास असर दिखाई नही दिया।
ज्ञात रहे कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन द्वारा कृषि कानून के सहयोग के लिए उपमंडल मुख्यालय पर भारत बंद का आह्वान किया गया ।लेकिन आम जनता का इस आंदोलन के प्रति कोई रुझान न होने के चलते आंदोलन का अर्की में कोई खास असर नजर नही आया। आम लोग प्रतिदिन की भांति अपने कार्यो में लगे रहे ऐसा लग रहा था कि किसी को भी भारत बंद से कुछ लेना देना था।

यहां तक कि लोगो मे इस बन्द को लेकर होने वाली दिक्कतों को लेकर जहाँ धरना प्रदर्शन करने वाले दलो के प्रति रोष था तो वही एचआरटीसी विभाग की कार्यशैली के कारण सरकार के प्रति भी रोष था लोगो का कहना था कि बन्द के चलते अर्की क्षेत्र की ज्यादातर सरकारी बसे बन्द थी और यदि अर्की बस अड्डा प्रभारी या सोलन स्थित आरएम से इस बारे में पूछा जाता था तो दोनों जगह से रटारटाया जवाब आता था कि सवारियां नही है इसलिए बस बन्द है ।

जबकि मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया था कि किसी भी क्षेत्र व जिला में कोई भी बस नही रुकेगी वह चाहे सरकारी हो या प्राइवेट हो। लोगो का कहना है कि जिस प्रकार अर्की में ग्यारह बजे बसे खड़ी कर दी गई वह कहीं न कही मूक रूप से भारत बंद का समर्थन करना दर्शाता है।दूसरी ओर दाड़लाघाट में किसान सभा जिला सोलन जिलाध्यक्ष व जिला परिषद सदस्य रामकृष्ण शर्मा व एसएफआई सदस्यों द्वारा शांतिपूर्वक बन्द के लिए धरनाप्रदर्शन,रैली एवम नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया।

 

वहीं अर्की के बातल घाटी में कांग्रेस के नेता डीडी शर्मा की अगुआई में आंशिक रूप से आधे घण्टे तक बन्द व धरना का आयोजन किया गया। इस दौरान बातल घाटी में डीडी शर्मा व अन्य कांग्रेस जनों द्वारा निजी गाड़ियों को जबरदस्ती रोकने के पश्चात वाहन चालकों से उलझते देखा गया। लोगो ने कांग्रेस जनों को जबरदस्ती वाहनों को रोकने के लिये लताड़ भी लगाई। जिसके चलते विभिन्न दलों द्वारा बुलाया गया

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