कुल्लू

इस साल ओलावृष्टि तूफान को रहें तैयार

 

स्वतंत्र हिमाचल

(कुल्लू)सुरेश भारद्वाज

देवभूमि हिमाचल के किसानों-बागबानों के लिए देवी-देवताओं की धर्म संसद से अलर्ट वाला समाचार आया है। इस बार घाटी के किसानों की फसलें प्रतिकूल मौसम की चपेट से आ सकती हैं। किसानों-बागबानों के लिए स्वर्ग लोक से लौटे देवभूमि कुल्लू के देवी-देवताओं ने फाल्गुन सक्रांति के मौके पर शुक्रवार को जिला भर के देवालयों में देव-भारथा सुनाई। दो माह के स्वर्ग प्रवास से लौटे देवताओं के दरबार में देव-भारथा सुनने के लिए हारियानों की भीड़ उमड़ी तो गूर के माध्यम से देवताओं ने गूरवाणी सुनाई।

 

देवताओं ने स्वर्ग प्रवास के दौरान इंद्रसभा में हुए लेखे-जोखे को भी कारकूनों के सामने गूरवाणी के जरिए रखा। इसके अनुसार इस साल उत्पाती और अल्पवृष्टि की चेतावनी जारी हुई है तो साथ ही आंधी व ओलावृष्टि भी परेशान कर सकती है। देवताओं ने कारकूनों को देवादेशों को मानने को कहा है, अन्यथा गंभीर परिणाम झेलने को कहा है। देवलोक गए घाटी के देवी-देवताओं ने धरती लोक पहुंच कर देवलोक में उनके द्वारा की गई देव गतिविधियों से हारियानों को रू-ब-रू करवाना आरंभ कर दिया है और यह सिलसिला विभिन्न देवालयों में पूरे माह चलता रहेगा।

जानकारी के अनुसार देवताओं की देवभारथा के तहत एक वर्ष में किए जाने वाले क्रिया-कलापों के बारे में भी निर्देश जारी किए गए। देवालयों में अहम देव कार्रवाई में देवभारथा के जरिए गूरों ने सबसे पहले लाहुल के आराध्य देवता राजा घेपन के क्षेत्र के लिए वर्ष कैसा रहेगा, इसकी सूचना दी। वहीं इसके बाद मनाली लगघाटी, पार्वती घाटी, रूपी वैली, सैंज, बंजार, आनी, निरमंड क्षेत्रों के लिए वर्ष भर के भविष्य को देववाणी के माध्यम से बताया।

देवालयों में श्रद्धालुओं ने देवी देवताओं से अपने और अपने परिनों के दुख निवारण का समाधान भी जाना। गूरों ने देव निर्देशों के बाद सभी को उनके दुखों के निवारण के रास्ते सुझाए। जिला कारदार संघ के अध्यक्ष जयसिंह ठाकुर के अनुसार फाल्गुन सक्रांति के दिन माघ सक्रांति को देव प्रवास पर देवलोक गए देवी देवता वापस आते हैं और देवभारथा सुनाई जाती है।
देवताओं की चेतावनी
भारथा के दौरान देवताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देवादेशों का तोड़ने वाले नहीं सुधरे, तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। देवताओं ने हालांकि आशीष सब पर रखने का भरोसा भी दिलाया है।

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