जलशक्ति विभाग धर्मपुर में रैगुलर कर्मचारियों के दर्जनों पद समाप्त

विभाग आऊटसोर्सिंग पर भर्ती मज़दूरों से काम चला कर रहा उनका शोषण

नीति बनाने को लेकर 9 मार्च को विधानसभा के बाहर मज़दूर करेंगे प्रदर्शन

(सरकाघाट)रितेश चौहान

जलशक्ति विभाग के धर्मपुर मंडल में तीसरी तथा चतुर्थ श्रेणी के विभागीय कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के कुल 490 पद स्वीकृत हैं।लेक़िन मज़ेदार बात यह है कि इनमें से केवल 114 पद ही लाईव श्रेणी में हैं औऱ 376 पद डाईंग श्रेणी में डाल दिये गए हैं।वर्तमान में कर्मचारियों की कुल संख्या 184 है जिनमें से 106 डाईंग केडर में परिवर्तित कर दी है और 78 पद ही लाईव श्रेणी में रखे गए हैं।

इस प्रकार कुल 270 पद समाप्त कर दिए गए हैं और 36 पद वर्तमाम में खाली हैं।ये जानकारी मज़दूर संगठन सीटू के ज़िला प्रधान व पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने आरटीआई से हासिल की गई सूचना के आधार पर मीडिया में दी है।उन्होंने बताया कि विभाग ने 119 पद हैल्परों के तथा 118 पद बेलदारों के समाप्त कर दिए हैं।इसके अलावा 31पद चौकीदारों के तथा 10 पद पम्प ऑपरेटरों के भी समाप्त कर दिए हैं।उन्होंने बताया कि विभाग में वर्तमान में 36 पद खाली हैं जिनमें फ़िटरों के 11 पम्प ऑपरेटरों के 9 फोरमैन के 5 इलेक्ट्रेशियनों के 4 सर्वेयरों के 3 वर्क इंस्पेकटरों,wwc औऱ कमलेंट अटेंडेंट औऱ स्टोन ब्रेकरों के दो दो पद तथा माली, हैल्पर, स्टोर क्लर्क, मेसन और डराईवर का एक एक पद ख़ाली है।इसके अलावा सेवादारों के 7 चौकीदारों के 5 ड्राफ्समैंन के 2 और स्टेनो और कर्लक,कनिष्ठ अभियंता,बरिष्ठ सहायक और अधीक्षक का एक एक पद ख़ाली है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इन रैगुलर पदों को विभाग ने समाप्त कर दिया है और उसके बदले में यहां पर सौ से डेढ़ सौ रुपये दिहाड़ी पर आउटसोर्स आधार पर भर्तियां करके काम चलाया हुआ है।उन्होंने इसके लिए जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहराया है जिनके विभाग में इतने सारे पद समाप्त कर दिये और कुछ खाली पड़े हैं। सैंकड़ों पद रैगुलर कर्मचारियों के पद समाप्त कर दिए हैं या फ़िर डाईंग केडर में डाल दिये हैं।पूर्व पार्षद ने बताया कि जलशक्ति विभाग यदि इन सभी पदों पर रैगुलर भर्ती करता है तो उन्हें सरकार का निर्धारित वेतनमान देना पड़ना था। लेकिन जलशक्ति मंत्री जिनके बारे में पूरे प्रदेश में यह कहा जाता है कि उन्होंने बहुत ज्यादा रोज़गार धर्मपुर के युवाओं को दिया है। उसकी सच्चाई यह है कि उन्होंने 100रु दिहाड़ी पर मल्टी पर्पज वर्कर्स 120 रु दिहाड़ी पर जलरक्षक औऱ 150 रु दिहाड़ी पर पारा पंप ऑपरेटर तथा पारा फिटर भर्ती किये हैं।जिन्हें तीन हज़ार से साढ़े चार हज़ार रुपये महीने का वेतन दिया जाता है।जो इन युवाओं के साथ नॉकरी के नाम पर बहुत बड़ाधोखा है औऱ उनका शोषण है तथा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।भूपेंद्र सिंह ने जकशक्ति मंत्री से पूछा है कि इस महंगाई के दौर में इतने कम वेतन पर कौन मज़दूरअपना औऱ अपने परिवार का पालन पोषण कर सकता है।उन्होंने मांग की है कि जलशक्ति विभाग में जो स्वीकृत पद हैं उन्हें रैगुलर आधार पर भरा जाये और जिन मज़दूरों को औटसोर्सिंग आधार पर रखा गया है उन्हें रैगुलर करने के लिए पालसी बनाई जाये ताकि मजदूरों को शोषण से छुटकारा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।उन्होंने बताया कि आगामी 9 मार्च को विधानसभा पर स्थाई रोज़गार देने तथा औटसोर्सिंग मजदूरों के लिए पालसी बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।

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