सरकाघाट

बेटी है अनमोल योजना से सुरक्षित हुआ बालिकाओं का भविष्य

(सरकाघाट)रितेश चौहान

प्रदेश सरकार द्वारा   महिलाओं के प्रति  सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करने तथा  बालिकाओं के जन्म को अभिशाप ना मानते हुए उन्हें बेहतर  व उन्नत शिक्षा मुहैया   करवाना तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोक कर उनका जन्मोत्सव  मनाने के उद्देश्य से  बेटी है अनमोल योजना चलाई जा रही है ।

मंडी जिला के सरकाघाट उपमंडल के तहत गोपालपुर खंड स्थित सरकाघाट मे इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2019 से लेकर  अबतक   1136 बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है।


पात्रता


इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले तथा बीपीएल परिवारों में जन्मी अधिकतम दो बालिकाओ को जन्मोपरान्त अनुदान व पहली कक्षा से स्नातक तक की कक्षाओ तक छात्रवृति प्रदान करना मुखय उद्देशय है।  इन परिवारों में जन्मी बालिकाओं के माता-पिता को निर्धारित प्रपत्र पर अपना आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या प्रयवेक्षक  के माध्यम से या फिर स्वयं बाल विकास परियोजना अधिकारी को देना होता है ।अधिक जानकारी के लिए जिला  कार्यक्रमअधिकारी( आईसीडीएस ),बाल विकास परियोजना अधिकारी ,पर्यवेक्षक या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से   सम्पर्क किया जा सकता है।
सहायता राशि
आवेदन के उपरांत निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने पर चयनित पात्र बालिका के नाम पर जन्मोपरान्त 12 हजार रुपए की धनराशि बैंक या डाकघर में जमा करवाई जाती है ।यह बालिका के नाम पर उसके व्यस्क होने तक  एफ. डी.  है । बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पूरी राशि ब्याज सहित उसे दे दी जाती है।
वार्षिक छात्रवृति
इसके अतिरिक्त बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न क्क्षाओं में निर्धारित दरों पर वार्षिक छात्रवृत्ति भी  प्रदान की जाती है जोकि प्रथम कक्षा से तृतीय कक्षा तक   450 रूपये प्रति वर्ष ,चौथी कक्षा में 750 रूपये वार्षिक तथा पांचवी कक्षा में 900 रूपये प्रति वर्ष छात्रवृति प्रदान की जाती है ।छठी एवं सातवीं कक्षा में 1050 रूपये प्रति वर्ष, आठवीं कक्षा में 1200 रूपये प्रति वर्ष ,9वीं एवं दसवीं कक्षा में 1500 रुपए वार्षिक तथा 10+1 व  10+2 कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को 2250  रूपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है ।स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए प्रतिवर्ष 5000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान  करने का प्रावधान है।
आवश्यक दस्तावेज
बेटी का जन्म प्रमाण पत्र ,बीपीएल प्रमाण पत्र,मां का हिमाचली प्रमाण पत्र,आधार कार्ड की छायाप्रति ,आवेदन पत्र /फार्म पंचायत  प्रधान तथा पंचायत सचिव द्वारा प्रामाणित  किया गया हो,छात्रवृति के लिए निर्धारित प्रपत्र  पर आवेदन करना है तथा कक्षा का उतीर्ण प्रमाण पत्र संलगन करे।
गोपालपुर खंड मे बेटी है अनमोल योजना के तहत  वित्तीय वर्ष में 2019-20 में 13 लाख 35 हजार 900 रूपये का खर्च   किया गया था जिसमें  इस अवधि में 65 बालिकाओं को सावधि जमा राशि तथा 398 बालिकाओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।  वर्ष 2020-21 में इस योजना के बजट मे अब तक  11 लाख 77 हजार 750 रुपए खर्च   किए गए  जिसमें अबतक 47 बालिकाओं को सावधी अवधि राशि तथा 626 बालिकाओं को छात्रवृति प्रदान   की जा चुकी है ।
प्रदेश सरकार के इन सकारात्मक व  सार्थक प्रयासों   से आज गरीब व  जरूरतमंद बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है तथा  विभिन्न योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन   से बेटियों के प्रति समाज में नकारात्मक सोच समाप्त हो रही है एवं  सकारात्मक दृष्टिकोण  विकसित हो रहा है ।योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए  जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय मंडी ,  सीडीपीओ गोपालपुर  अथवा  उनके  कार्यालय स्थित सरकाघाट या आंगनवाड़ी बर्करज   से संपर्क किया जा सकता है।

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